रायपुर / ETrendingIndia / AI युग में रोजगार बदलाव और तैयारी की जरूरत
AI युग में रोजगार बदलाव को लेकर OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और G42 के CEO पेंग शियाओ ने GITEX Global 2025 में चर्चा की। उन्होंने समाजों को चेतावनी दी कि तकनीकी विकास से डरने के बजाय अनुकूलन और प्रयोग अपनाना चाहिए।
तकनीकी और समाज का सह-अनुकूलन
ऑल्टमैन ने कहा कि तकनीक और समाज का रिश्ता निरंतर विकसित होने वाला है। “तकनीक थोड़ी आगे बढ़ती है, समाज समायोजित होता है, फिर तकनीक आगे बढ़ती है। यह एक स्थिर और लाभकारी प्रक्रिया है,” उन्होंने बताया।
उन्होंने जोर दिया कि नवाचार और सामाजिक प्रगति एक साथ विकसित होते हैं, और यह दृष्टिकोण AI के युग में रोजगार बदलाव को सकारात्मक रूप में देखता है।
पेंग शियाओ का व्यावहारिक दृष्टिकोण
पेंग शियाओ ने कहा, “अज्ञात से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है उस पर प्रयोग करना।” उन्होंने स्पष्ट किया कि G42 के संचालन में मानव कर्मचारियों की केंद्रीय भूमिका बनी रहेगी।
AI एजेंट केवल उत्पादकता बढ़ाने का साधन हैं, इंसानों का विकल्प नहीं। उनका कहना था, “हमारे कर्मचारी अब AI की मदद से दस गुना अधिक प्रभावशाली बन गए हैं।”
जोखिम प्रबंधन और नीति निर्धारण
जैसा कि AI संभावित सुपरइंटेलिजेंस की ओर बढ़ रहा है, पेंग ने नीति निर्माताओं और नेताओं से आग्रह किया कि वे केवल थ्योरी पर न रहें, बल्कि AI का अनुभव सीधे अपने जीवन और कार्यस्थल में करें।
उन्होंने कहा, “सुपरइंटेलिजेंस आने से पहले सीखें, अनुकूलन करें और जोखिमों को सक्रिय रूप से प्रबंधित करें।”
रोजगार का पुनर्परिभाषण
दोनों नेताओं का मानना है कि AI युग में रोजगार का भविष्य केवल नौकरी खोने के डर पर नहीं, बल्कि अनुभव, अनुकूलन और मानव रचनात्मकता के माध्यम से फिर से परिभाषित होगा। GITEX में उनका संवाद दर्शाता है कि इंसानी नवाचार और मशीन बुद्धिमत्ता का संयोजन अधिक अवसर प्रदान करता है, खतरे नहीं।
