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रायपुर, 11 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / मध्य भारत में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की दिशा में AIIMS रायपुर और संबलपुर यूनिवर्सिटी, ओडिशा ने समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों संस्थान अज्ञात कारणों से होने वाली क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKDu) और सिकल सेल बीमारी पर संयुक्त शोध करेंगे और शोध के निष्कर्षों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं व नीतियों में बदलने पर जोर देंगे।

CKDu के बढ़ते मामलों पर फोकस

ओडिशा के कई जिलों में क्रॉनिक किडनी बीमारी के मामलों में असामान्य बढ़ोतरी सामने आई है। यहां के मरीजों में ऐसे लक्षण पाए जा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के CKDu प्रभावित क्षेत्रों से मिलते-जुलते हैं। इसे देखते हुए दोनों राज्यों में बीमारी के कारणों और जोखिम कारकों की संयुक्त जांच की जाएगी।

शोध से नीति तक पहुंचेगा समाधान

AIIMS रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि साझेदारी का उद्देश्य केवल शोध पत्र प्रकाशित करना नहीं, बल्कि शोध के परिणामों को जमीनी स्वास्थ्य रणनीतियों और सार्वजनिक नीतियों में बदलना है।
सिकल सेल बीमारी पर भी होगा काम

MoU के तहत भविष्य में सहयोग का दायरा बढ़ाकर सिकल सेल बीमारी सहित क्षेत्र की अन्य प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं को भी शामिल किया जाएगा।

लक्ष्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के समाधान विकसित करना है।

दो राज्यों के संस्थानों के बीच सहयोग

इस समझौते से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में क्लिनिकल रिसर्च, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है। दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ और शोधकर्ता मिलकर क्षेत्रीय स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान पर काम करेंगे।