Ambikapur NRC NewsAmbikapur NRC News
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रायपुर, 25 सितंबर 2026। Ambikapur NRC News : अंबिकापुर के शासकीय रघुनाथ जिला चिकित्सालय में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के लिए स्वस्थ जीवन की नई राह तैयार कर रहा है। यहां बच्चों को चिकित्सकीय देखभाल, पोषणयुक्त आहार और नियमित निगरानी के साथ उनके माता-पिता को भी खान-पान एवं देखभाल की जरूरी जानकारी दी जा रही है। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान केंद्र में 248 बच्चों का उपचार किया गया और दर्ज सुधार दर 88 प्रतिशत रही।

20 बिस्तरों का NRC बना उम्मीद का केंद्र

शासकीय रघुनाथ जिला चिकित्सालय, अंबिकापुर में 20 बिस्तरों वाला पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित है। यहां गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति की निगरानी के साथ आवश्यक उपचार और पोषण पुनर्वास किया जाता है। वर्ष 2021-22 में केंद्र में 189 बच्चों के उपचार के साथ दर्ज दर 73 प्रतिशत थी, जबकि अप्रैल-सितंबर 2026 में 248 बच्चों के उपचार के साथ यह दर 88 प्रतिशत दर्ज की गई।

बच्चों के बढ़ते वजन में दिखा सुधार

केंद्र में उपचार लेने वाले बच्चों के वजन में भी सुधार दर्ज किया गया। शिवाशी का वजन 7.6 किलोग्राम से बढ़कर 8.840 किलोग्राम, रश्मि का 9.3 से 10.720 किलोग्राम, प्रतीक का 8.5 से 9.370 किलोग्राम और युवराज का 12 से बढ़कर 13.980 किलोग्राम हुआ। हालांकि केवल वजन बढ़ना बच्चे के संपूर्ण स्वास्थ्य का अकेला पैमाना नहीं है, लेकिन नियमित निगरानी में वजन और वृद्धि में सुधार पोषण स्थिति के महत्वपूर्ण संकेतकों में शामिल हैं।

उपचार के साथ माता-पिता को भी मिल रही जानकारी

NRC में बच्चों के उपचार के साथ माता-पिता को उम्र के अनुसार आहार, बच्चे की देखभाल और पोषण से जुड़े जरूरी व्यवहारों की जानकारी दी जाती है। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चा उपचार के बाद घर लौटने पर भी बेहतर पोषण प्राप्त करता रहे। पर्याप्त और विविध आहार, स्वच्छता, बीमारी के दौरान उचित देखभाल और नियमित वृद्धि निगरानी को इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जाता है।

कुपोषण सिर्फ कम वजन की समस्या नहीं

गंभीर कुपोषण बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता और वृद्धि-विकास को प्रभावित कर सकता है। लंबे समय तक पर्याप्त पोषण नहीं मिलने का असर शारीरिक विकास के साथ बच्चे की सामान्य गतिविधियों और सीखने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। इसलिए कुपोषण की समय पर पहचान, चिकित्सकीय उपचार और पोषण पुनर्वास महत्वपूर्ण है।

स्वस्थ बचपन की ओर बढ़ते कदम

कुपोषण से मुकाबला केवल अस्पताल तक सीमित नहीं है। बच्चे की घर की थाली, परिवार की जागरूकता, आंगनबाड़ी की निगरानी और स्वास्थ्यकर्मियों के मार्गदर्शन से ही लंबे समय तक बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। अंबिकापुर के पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के उपचार और परिवारों को जागरूक करने का प्रयास इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां बच्चों के बढ़ते वजन को केवल तराजू पर बदलता आंकड़ा नहीं, बल्कि बेहतर पोषण, लौटती ताकत और परिवार की बढ़ती उम्मीद के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


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