US sinks Iranian shipUS sinks Iranian ship
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रायपुर, 07 सितंबर/ ETrendingIndia /अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका की केंद्रीय कमान ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरान से जुड़े एक और तेल टैंकर पर हमला किया, जिसके बाद जहाज डूब गया। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान के पेट्रोलियम ढांचे के खिलाफ हाल के दशकों में की गई महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाइयों में से एक है।


अमेरिकी केंद्रीय कमान के मुताबिक, एमटी काइलो नामक तेल टैंकर को ओमान की खाड़ी में निशाना बनाया गया। कोमोरोस का झंडा लगे इस जहाज को नॉक्सन के नाम से भी जाना जाता था। अमेरिकी कमान ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्यकर्मियों की कार्रवाई के बाद जहाज समुद्र की तलहटी में पहुंच गया।


इससे पहले अमेरिकी केंद्रीय कमान ने शनिवार को तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया था। उसके अनुसार, एमटी डाउनी और एमटी स्टार्क-1 हमले में स्थायी रूप से निष्क्रिय हो गए, हालांकि दोनों जहाज पानी पर तैरते रहे। वहीं, एमटी काइलो डूब गया।
अमेरिका की ओर से इन कार्रवाइयों को ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान का हिस्सा बताया गया है। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।


ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दावा किया है कि उसकी सेना ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और अमेरिकी नौसेना के एक विध्वंसक पोत पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरानी पक्ष के अनुसार, दोनों अमेरिकी युद्धपोतों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे और समुद्री नाकाबंदी में हिस्सा ले रहे थे।


ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के मुताबिक, मिसाइल हमले के बाद दोनों अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र से पीछे हट गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।


भारत स्थित ईरान के दूतावास ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए इन्हें अवैध और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। दूतावास ने कहा कि ये कार्रवाइयां ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य आक्रामकता, समुद्री नाकाबंदी और आर्थिक युद्ध की निरंतरता हैं। ईरानी दूतावास के अनुसार, अमेरिकी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन हैं और इन्हें युद्ध अपराध बताते हुए कहा गया कि ऐसी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए खतरा पैदा करती है।


इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरानी सेना ने अमेरिकी सैन्य जहाजों पर गोलीबारी की तो वॉशिंगटन ईरान के तेल टैंकर बेड़े को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाएगा, उसे नष्ट करेगा और डुबो देगा।


हेगसेथ ने सामाजिक माध्यम पर जारी संदेश में तनाव को और बढऩे से रोकने की शर्त बताते हुए कहा कि ईरान को केवल इतना करना है कि वह अमेरिकी नौसेना पर गोली न चलाए।


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच तेल टैंकरों और समुद्री मार्गों पर हो रही कार्रवाइयों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।


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