पशुओं में ब्लड ट्रांसफ्यूजन और ब्लड बैंकों के लिए पहला राष्ट्रीय दिशानिर्देश/एसओपी जारी, राज्य-नियंत्रित पशु ब्लड बैंकों की स्थापना हो सकेगी
पशु ब्लड बैंक दिशानिर्देश
रायपुर 26 अगस्त 2025 / ETrendingIndia / First National Guidelines/SOPs for Blood Transfusion in Animals and Blood Banks issued, State-regulated animal blood banks to be established / पशु ब्लड बैंक दिशानिर्देश , पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने “भारत में जानवरों के लिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन और ब्लड बैंक के लिए दिशानिर्देश और मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी)” जारी किया हैं।
पशु ब्लड बैंक दिशानिर्देश , वैश्विक स्तर पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन को जानवरों में चोट, गंभीर एनीमिया, सर्जरी के दौरान रक्त की कमी, संक्रामक रोग और रक्त जमने संबंधी विकारों के प्रबंधन के लिए एक जीवन रक्षक उपाय माना जाता है।
हालांकि, अब तक भारत में पशु चिकित्सा ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के लिए कोई व्यापक राष्ट्रीय फ्रेमवर्क नहीं था।
अधिकांश पशुओं को आपात स्थिति में रक्त दिया जाता था, जिसमें दाता की जांच, रक्त समूह का पता लगाने या भंडारण के लिए कोई मानकीकृत प्रोटोकॉल नहीं था।
ये दिशानिर्देश/एसओपी वैज्ञानिक, नैतिक और संरचित ढांचे को प्रस्तुत करके इस महत्वपूर्ण कमी को पूरा करते हैं।
ये जानवरों में रक्त दाता के चयन, रक्त संग्रह, अवयवों के प्रसंस्करण, भंडारण, आधान प्रक्रियाओं, निगरानी और सुरक्षा उपायों के लिए एक उचित रूपरेखा प्रदान करते हैं।
भारतीय पशु चिकित्सा परिषद, पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयें, आईसीएआऱ संस्थानों, राज्य सरकारों, पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किए गए, ये दस्तावेज़ भारत की प्रथाओं को वैश्विक सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप भी बनाते हैं।
इसके मुख्य बिंदु है: –
राज्य-नियंत्रित पशु चिकित्सा ब्लड बैंकों की स्थापना, जिसमें जैव सुरक्षा नियमों का पालन किया जाएगा।
रक्त के बेमेल होने से होने वाली प्रतिक्रियाओं को रोकने के लिए रक्त समूह की जाँच (ब्लड टाइपिंग) और क्रॉस-मैचिंग की अनिवार्यता
दाता के लिए पात्रता मानदंड जिनमें स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयु, वज़न और बीमारियों की जाँच शामिल है।
स्वैच्छिक और नि:शुल्क दान पर जोर, साथ ही दाता अधिकार चार्टर के साथ सूचित सहमति भी सुनिश्चित की जाएगी।
जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों के जोखम के प्रबंधन के लिए वन हेल्थ सिद्धांतों का एकीकरण
दाता के पंजीकरण, ट्रांसफ्यूजन की निगरानी और प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग के लिए मानक एसओपी, फॉर्म और चेकलिस्ट तैयार किए गए हैं।
एक राष्ट्रीय पशु चिकित्सा ब्लड बैंक नेटवर्क (एन-वीबीबीएन) स्थापित करने का रोडमैप जिसमें डिजिटल रजिस्ट्री, रियल टाइम में स्टॉक की जानकारी और एक आपातकालीन हेल्पलाइन शामिल
भारत का पशुधन और पालतू पशु क्षेत्र दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे विविध है, जिसमें 537 मिलियन से अधिक पशुधन और 125 मिलियन से अधिक पालतू जानवर शामिल हैं।
यह क्षेत्र देश के जीडीपी में 5.5% और कृषि जीडीपी में 30% से अधिक का योगदान देता है।
पशु चिकित्सा निदान और उपचार , विशेष आपातकालीन पशु चिकित्सा देखभाल की माँग बढ़ रही है।
यह जानवरों के जीवन को बचाएगा, ग्रामीण आजीविका की रक्षा करेगा, और पूरे देश में पशु कल्याण को बढ़ावा देगा।
