Share This Article ETrendingIndia नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पेंशन अनुसंधान सम्मेलन 2025 का समापन सफलतापूर्वक हुआ। यह ऐतिहासिक आयोजन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (IIMA) के सहयोग से किया गया। सम्मेलन में नीति निर्माता, विद्वान, उद्योग जगत के प्रमुख और वैश्विक विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत में वृद्धावस्था की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समावेशी और सशक्त पेंशन प्रणाली की आवश्यकता पर चर्चा करना था। वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने कहा कि “सभी के लिए पेंशन” एक राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि भारत की जनसंख्या वृद्धावस्था की ओर तेजी से अग्रसर है। 2050 तक हर पाँचवां भारतीय 60 वर्ष से अधिक आयु का होगा। इस दौरान, वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव श्री नागराजू मद्दिराला ने एकीकृत पेंशन प्रणाली की शुरुआत की जानकारी देते हुए इसे सुरक्षित सेवानिवृत्ति की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। वहीं, PFRDA अध्यक्ष डॉ. दीपक मोहंती ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को भारत की पेंशन प्रणाली की रीढ़ बताया। दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पेंशन अनुसंधान सम्मेलन 2025 में कई पैनल चर्चाएं हुईं, जिनमें निवेश रणनीतियाँ, वित्तीय साक्षरता, और अनौपचारिक क्षेत्र को पेंशन दायरे में लाने जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य एक समावेशी, नवाचारी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण वाली पेंशन नीति तैयार करना था। Share This Article Post navigation प्रधानमंत्री मोदी ने कहा: मुद्रा योजना के 10 वर्ष सशक्तिकरण और उद्यमशीलता के प्रतीक जनजातीय स्टार्टअप्स की उड़ान: धरतीआबाट्राइबप्रिन्योर्स 2025 में नवाचार और सफलता की नई कहानी