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ETrendingIndia बस्तर अब एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में कहा कि बस्तर का विकास और नक्सलवाद का अंत अब नज़दीक है। लोगों की मानसिकता बदल रही है और वे अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में हजारों लोगों की भागीदारी इस परिवर्तन की गवाही देती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही हैं। सुरक्षा बलों की सक्रियता और जनसहयोग से बस्तर में अब शांति लौट रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि मां दंतेश्वरी की कृपा से बस्तर का भविष्य उज्ज्वल होगा। बस्तर का विकास और नक्सलवाद का अंत इस सोच का ही परिणाम है।

सांस्कृतिक दृष्टि से भी बस्तर अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। बस्तर पंडुम में 47 हजार कलाकारों ने 6 राज्यों से आकर भाग लिया और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार किया। बस्तर की लोकसंस्कृति, खानपान और वेशभूषा को विश्व मंच पर पहचान मिल रही है।

सरकारी योजनाओं जैसे पीएम जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना और नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से मूलभूत सुविधाएं गांव-गांव तक पहुँचाई जा रही हैं। अब बस्तर में गोलियों की जगह स्कूल की घंटियाँ सुनाई देती हैं।


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