Share This Article ETrendingIndia दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ – हर नक्सल मुक्त गांव को विकास निधि देने की केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की घोषणा के साथ बस्तर पंडुम 2025 का भव्य समापन हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह में श्री शाह ने कहा कि जो गांव नक्सलवाद के खिलाफ आत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें “नक्सल मुक्त गांव” घोषित कर 1 करोड़ रुपये की विशेष निधि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब बंदूक नहीं, विकास की आवाज से जाना जाएगा। बस्तर पंडुम उत्सव को अगले वर्ष से राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में आयोजित करने की घोषणा करते हुए उन्होंने जनजातीय परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाने की प्रतिबद्धता भी जताई। साथ ही, तेंदूपत्ता की सरकारी खरीदी की नई व्यवस्था और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास की योजनाएं भी साझा की गईं। नक्सल मुक्त गांव को विकास निधि योजना के तहत गांवों में स्कूल, अस्पताल, आधार कार्ड, राशन कार्ड जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत बस्तर की हस्तकला और उत्पादों को राष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ा जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि असली विकास तब होगा जब बस्तर से डॉक्टर, कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी निकलेंगे। उन्होंने आदिवासी समाज को शिक्षा और तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उनका संदेश स्पष्ट था – बस्तर को अब हथियार नहीं, कलम और कंप्यूटर की ताकत से आगे बढ़ाना है। Share This Article Post navigation बस्तर का नया युग: विकास की राह पर, नक्सलवाद का खात्मा तय – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मरका पंडुम में मुख्यमंत्री साय का संकल्प: नक्सलवाद का अंत और गोंडवाना समाज का विकास प्राथमिकता