रायपुर 26 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / भारतीय आईपीओ बाजार में तेज उछाल
भारतीय प्राथमिक बाजार में भारतीय आईपीओ बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बीते दो वर्षों में 701 आईपीओ के माध्यम से करीब ₹3.8 लाख करोड़ जुटाए गए। इससे पहले 2019 से 2023 के बीच यह आंकड़ा ₹3.2 लाख करोड़ था।
2025 में भी बना नया कीर्तिमान
रिपोर्ट के अनुसार 2025 अब तक का एक और शानदार वर्ष रहा है। इस साल 365 से अधिक आईपीओ के जरिए लगभग ₹1.95 लाख करोड़ जुटाए गए। परिणामस्वरूप, यह 2024 के पुराने रिकॉर्ड को भी पार कर गया।
मेनबोर्ड आईपीओ का दबदबा कायम
भारतीय आईपीओ बाजार रिकॉर्ड में मेनबोर्ड आईपीओ की बड़ी भूमिका रही है। वर्ष 2025 में कुल जुटाई गई राशि का करीब 94 प्रतिशत मेनबोर्ड से आया। पिछले दो वर्षों में सिर्फ 198 कंपनियों ने ₹3.6 लाख करोड़ जुटाए।
सेक्टर विविधता में बड़ा बदलाव
रिपोर्ट में बताया गया कि आईपीओ बाजार में सेक्टर विविधता बढ़ी है। 2025 में एनबीएफसी सबसे आगे रहे। इसके अलावा कैपिटल गुड्स, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने भी अहम योगदान दिया।
युवा और स्मॉल-कैप कंपनियों की मजबूत भागीदारी
पिछले दो वर्षों में 20 साल से कम उम्र की कंपनियों ने कुल फंड का आधे से अधिक हिस्सा जुटाया। साथ ही स्मॉल-कैप कंपनियों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा रही। इससे बाजार में नई कंपनियों की बढ़ती भूमिका साफ दिखती है।
निष्कर्षतः
कुल मिलाकर, भारतीय आईपीओ बाजार रिकॉर्ड निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। इस प्रकार, बदलते सेक्टर ट्रेंड और नई कंपनियों की भागीदारी ने बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
