Share This Article रायपुर, 14 अगस्त 2026/ Census 2027 : गृह मंत्रालय ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना के लिए कुल 40 आधिकारिक सवालों की सूची अधिसूचित कर दी है। घर-घर जाकर जानकारियां संग्रहित की जाएगी भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अधिकृत जनगणना अधिकारी निर्धारित सीमाओं में घर-घर जाकर परिवार अनुसूची के माध्यम से ये जानकारियां जुटाएंगे। 1931 के बाद पहली बार व्यापक स्तर पर जातिगत डाटा इस बार की जनगणना पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें 1931 के बाद पहली बार व्यापक स्तर पर जातिगत डाटा भी स्व-घोषणा के आधार पर दर्ज किया जाएगा। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नागरिकों से परिवार अनुसूची की जानकारी में व्यक्तिगत एवं जनसांख्यिकीय विवरण के तहत व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि, आयु, वर्तमान वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, पति या पत्नी का नाम, घोषित राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति (एससी)/ अनुसूचित जनजाति 1 वर्ग (ओबीसी) या सामान्य जाति का वरण और माता का विवरण आदि सवाल पूछे जाएंगे। भाषा, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता , शैक्षणिक संस्थान की जानकारी जनगणना के दौरान शारीरिक स्थिति, भाषा और शिक्षा के संबंध लोगों से शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता, मातृ भाषा, अन्य आने वाली भाषा, साक्षरता की स्थिति, डिजिटल साक्षरता की स्थिति (क्या डिजिटल उपकरण चलाना आता है), शैक्षणिक संस्थान में उपस्थिति की वर्तमान स्थिति (स्कूल या कॉलेज जा रहे हैं या नहीं), उच्चतम शैक्षणिक स्तर और हासिल की गई शिक्षा की मुख्य विधा या विषय के संबंध में आवश्यक जानकारियां पूछी जाएगी, जिनका सही जवाब देना होगा। व्यवसाय, उद्योग, व्यापार या सेवा की प्रकृति आर्थिक गतिविधि, रोजगार और कार्यस्थल को लेकर क्या पिछले एक वर्ष में किसी भी समय काम किया है ?, आर्थिक गतिविधि की श्रेणी (मुख्य, सीमांत या गैर-श्रमिक), व्यवसाय, उद्योग, व्यापार या सेवा की प्रकृति, कर्मचारी की श्रेणी (नियोक्ता/कर्मचारी/स्वयं का काम), गैर-आर्थिक गतिविधि का विवरण (सीमांत या काम न करने वालों के लिए), क्या काम की तलाश में हैं या काम के लिए उपलब्ध हैं ? और कार्यस्थल तक यात्रा का माध्यम और विवरण से जुड़े अहम सवाल पूछे जाएंगे। प्रवास, स्थायी पता, जन्म स्थान, पिछला निवास आदि की जानकारी प्रवास और स्थायी पता को लेकर जन्म स्थान, पिछले निवास का स्थान, प्रवास (माइग्रेशन) का मुख्य कारण, पिछले प्रवास के बाद से इस गांव या शहर में निवास की अवधि, स्थायी आवासीय पता, जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जीवित जन्मे बच्चों की संख्या, पिछले एक वर्ष के दौरान जीवित जन्मे, कोविड-19 टीकाकरण का स्थान, बैंक खातों आधिकारिक पहचान पत्रों की उपलब्धता होने या न होने के संबंध में जानकारी पूछी जाएगी। वित्तीय गोपनीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया के दौरान नागरिकों से बैंक खाते के विवरण (पासवर्ड/पिन), पैन कार्ड या उनकी मासिक आय जैसी कोई भी वित्तीय गोपनीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। इन 40 सवालों का उद्देश्य नागरिकों का एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक ढांचा तैयार करना है। बर्फबारी वाले दुर्गम क्षेत्रों में शुरुआत 1 सितंबर 2026 से जनगणना कार्यक्रम के अनुसार, बर्फबारी वाले दुर्गम क्षेत्रों (लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, और उत्तराखंड) में दूसरे चरण की शुरुआत 1 सितंबर, 2026 से होगी।.इसके लिए 17 से 31 अगस्त तक लोगों को स्वयं जानकारी भरने का विकल्प भी दिया गया है। देश के अन्य स्थानों पर यह प्रक्रिया 9 से 28 फरवरी, 2027 तक होगी इसी तरह देश के अन्य स्थानों पर यह प्रक्रिया 9 से 28 फरवरी, 2027 तक आयोजित की जाएगी। अन्य जगहों पर भी लोगों को जनवरी से स्वयं जानकारी भरने का विकल्प दिया जाएगा। Share This Article Post navigation Thoughts About God : 2 साल के दिव्यांश ने लिखी ‘थॉट्स अबाउट गॉड’…! राज्यपाल रमेन डेका ने किया विमोचन भिलाई स्टील प्लांट में घुसकर कॉपर स्क्रैप चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार