Share This Article रायपुर, 22 अगस्त 2026/ CG High Court : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायालय के आदेश का निर्धारित समय में पालन नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना के मामले में उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। मामला गरियाबंद निवासी दायासिंह ध्रुव के स्थानांतरण से जुड़ा है। ध्रुव गरियाबंद के सीएमएचओ कार्यालय में ड्राइवर के पद पर पदस्थ थे। कलेक्टर गरियाबंद ने उनका स्थानांतरण मैनपुर कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 6 महीने में फैसला देने का था आदेश मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को निर्देश दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के एसके नौशाद रहमान बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में दिए गए न्याय दृष्टांत के आधार पर याचिकाकर्ता के मामले का छह महीने के भीतर निराकरण किया जाए। याचिकाकर्ता का आरोप है कि हाईकोर्ट द्वारा तय की गई छह महीने की समय-सीमा बीत जाने के बावजूद उनके अभ्यावेदन का निराकरण नहीं किया गया और स्थानांतरण आदेश भी निरस्त नहीं किया गया। आदेश का पालन नहीं होने पर दायर हुई अवमानना याचिका हाईकोर्ट के निर्देश का पालन नहीं होने पर दायासिंह ध्रुव ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि स्पष्ट न्यायिक निर्देश के बावजूद निर्धारित समय सीमा के भीतर मामले का निराकरण नहीं किया गया। अधिवक्ताओं ने न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 12(1) का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना की स्थिति में अवमानना की कार्रवाई का प्रावधान है। अब स्वास्थ्य सचिव से मांगा जवाब मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया को नोटिस जारी कर पूछा है कि हाईकोर्ट के आदेश की कथित अवहेलना के लिए उनके खिलाफ न्यायालय अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। अब मामले में स्वास्थ्य सचिव के जवाब के बाद आगे की न्यायिक कार्रवाई तय होगी। Share This Article Post navigation IGKV पेपर लीक कांड में बड़ा एक्शन…! प्रोफेसर सहित 6 गिरफ्तार; WhatsApp से फैला था पेपर जनजातीय कारीगरों के हुनर को मिलेगा व्यापक बाजार : 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने लगाए स्टॉल… ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला’