Share This Article रायपुर, 04 सितंबर। CG Teacher Award : छत्तीसगढ़ की प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाली शिक्षिका सुनीता यादव अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने जा रही हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी में पदस्थ सुनीता यादव का चयन राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए किया गया है। प्रदेश से इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए वह चयनित एकमात्र शिक्षिका हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल और चेक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। कक्षा को बनाया सीखने का रचनात्मक मंच सुनीता यादव ने बच्चों को पढ़ाने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ तकनीक और रचनात्मक माध्यमों का इस्तेमाल किया। वह दीक्षा एप, स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट और लघु फिल्मों के जरिए बच्चों को विषय समझाती हैं। खास बात यह है कि बच्चों और स्वयं के अभिनय वाली लघु फिल्मों के माध्यम से वह कठिन विषयों को भी सरल और रोचक बनाने का प्रयास करती हैं। उनकी कोशिश विशेष रूप से उन बच्चों को आगे लाने की रहती है जो पढ़ाई में अपेक्षाकृत पीछे रह जाते हैं। पढ़ाई से आगे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की चिंता सुनीता यादव के लिए शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर भी वह लगातार काम करती हैं। वह अपने खर्च से बच्चों के लिए नियमित दूध उपलब्ध कराने के साथ न्योता भोजन के लिए भी लोगों को प्रेरित करती हैं। आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए उन्होंने बिलासपुर जिले में निशुल्क समर कैंप में अध्यापन किया। प्राथमिक शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के बाद हुए बदलावों पर उन्होंने शोध पत्र भी तैयार किया है। पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान शिक्षण के साथ साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय सुनीता यादव को इससे पहले भी सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2024 में राज्य शिक्षक सम्मान और वर्ष 2025 में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से उन्हें सम्मानित किया गया। प्रकृति संरक्षण के लिए सीड बॉल तैयार करने और सैनिकों के लिए राखी बनाने जैसे सामाजिक कार्यों में भी उनकी भागीदारी रही है। राष्ट्रीय मंच पर दिखेगा छत्तीसगढ़ का शिक्षण मॉडल राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए सुनीता यादव का चयन उनके नवाचार और संवेदनशील शिक्षण का परिणाम माना जा रहा है। उन्होंने तकनीक, साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों को प्राथमिक शिक्षा से जोड़कर बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया है। कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाने, बच्चों के पोषण पर ध्यान देने और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के उनके प्रयासों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है। शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय सम्मान मिलना न केवल सुनीता यादव की उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्राथमिक शिक्षा के लिए भी गौरव का अवसर है। Share This Article Post navigation Tiranga Shakti Fest : ‘गुरु वंदन’ ग्रैंड फिनाले में दिखी प्रतिभाओं की रंगारंग छटा, 30 प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल CG News : कभी गूंजती थी गोलियों की आवाज, अब बज रही स्कूल की घंटी, बस्तर के 600 से ज्यादा स्कूल फिर गुलजार, शिक्षक दिवस पर नई तस्वीर