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रायपुर, 07 अक्टूबर 2026। CGRERA Action : छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने बिना RERA पंजीयन प्लॉट बेचने के मामले में रायपुर की महागणपति डेव्हलपर्स के खिलाफ कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने डेवलपर पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही संबंधित प्लॉटेड ले-आउट परियोजना को RERA के तहत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बिना RERA पंजीयन हो रही थी प्लॉट की बिक्री

प्रकरण के अनुसार महागणपति डेव्हलपर्स द्वारा एक प्लॉटेड ले-आउट परियोजना विकसित कर उसके तहत भूखंडों का विक्रय किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि परियोजना का CGRERA में पंजीयन नहीं कराया गया था। RERA अधिनियम की धारा 3 के तहत पंजीयन योग्य परियोजना को पंजीकृत कराए बिना उसके भूखंडों या इकाइयों का विज्ञापन, मार्केटिंग, बुकिंग या बिक्री के लिए प्रस्ताव नहीं किया जा सकता।

स्वप्रेरणा से संज्ञान लेकर दर्ज किया मामला

बिना RERA पंजीयन भूखंडों की बिक्री का तथ्य सामने आने के बाद CGRERA ने मामले का स्वप्रेरणा से संज्ञान लिया। इसके बाद महागणपति डेव्हलपर्स के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर सुनवाई की गई। उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच के बाद प्राधिकरण ने मामले को RERA अधिनियम की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन माना।

डेवलपर पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड

प्रकरण की सुनवाई के बाद CGRERA ने महागणपति डेव्हलपर्स पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। इसके साथ ही संबंधित परियोजना को RERA के अंतर्गत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण के मुताबिक इसका उद्देश्य परियोजना के विकास और विक्रय को वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप करना और भूखंड खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बिना पंजीयन बिक्री पर आगे भी होगी कार्रवाई

CGRERA ने स्पष्ट किया है कि पंजीयन योग्य रियल एस्टेट परियोजनाओं में बिना RERA पंजीयन विज्ञापन, मार्केटिंग, बुकिंग या बिक्री करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण स्वप्रेरणा से संज्ञान लेकर संबंधित प्रमोटरों के खिलाफ अर्थदंड समेत अन्य वैधानिक कार्रवाई कर सकता है।


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