Chhattisgarh Seed Corporation
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रायपुर, 28 दिसंबर 2025/ ETrendingIndia / Chhattisgarh Seed Corporation is providing modern agricultural equipment to farmers on subsidy / किसानों को कृषि यंत्र अनुदान , छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा किसानों को आकर्षक अनुदान पर आधुनिक और उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

किसान इनका प्रयोग कर समृद्ध हो रहे हैं और विकसित भारत विजन की परिकल्पना की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसान उन्नत बीज और अन्य विभागीय योजनाएओं से लाभान्वित हो रहे हैं । खेती किसानी के विभिन्न चरणों जुताई, बुआई, रोपाई, फसल कटाई जैसे सभी चरणों के लिए अनुदान पर कृषि यंत्र किसान के द्वारा चयन आधार पर उपलब्ध कराया जाता है, इससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।

बीज निगम द्वारा किसानों को शक्ति चलित कृषि यंत्र जैसे – रोटावेटर, स्व चलित रीपर, पैडी ट्रांसप्लांटर, लेज़र लैंड लेवलर, पावर वीडर, मल्चर, थ्रेशर, सीड ड्रिल, सहित अन्य आधुनिक कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता हुई बेहतर

  इन कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों को समय की बचत के साथ-साथ श्रम लागत में भी कमी हो रही है।  आधुनिक यंत्रों के प्रयोग से खेती का कार्य कम समय में और अधिक उत्पादकता के साथ हो रहा है, जिससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है। परिणाम स्वरूप बाजार में उन्हें उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।  

882 किसान हुए लाभान्वित

   बीज निगम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। वर्ष 2025 -26 में अभी तक 882 किसान को अनुदान पर कृषि यंत्रों से लाभान्वित किया जा चुका हैं। 

स्व-चलित रीपर से कटाई हुई आसान

   बिलासपुर जिले के किसान नारायण दल्लू पटेल ने अनुदान पर स्व-चलित रीपर प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि पहले एक एकड़ फसल की कटाई में 10-12 मजदूर और पूरा दिन लगता था, जबकि अब वही कार्य 2-3 घंटे में पूरा हो जाता है। इससे कटाई लागत में 50- 60 प्रतिशत तक कमी आई है और समय पर कटाई संभव हो सकी है।

रोटावेटर से खेत की तैयारी हुई तेज

     रायपुर जिले के किसान हीरालाल साहू ने बताया कि रोटावेटर के उपयोग से खेत की जुताई एक ही बार में हो जाती है। पहले जहाँ खेत तैयार करने में 3-4 दिन लगते थे, अब कुछ घंटों में कार्य पूर्ण हो जाता है। इससे फसल उत्पादन में 20-25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।

सीड ड्रिल से बीज की बचत और बेहतर उत्पादन

     खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के किसान लेखूराम छेदईया ने अनुदान पर सीड ड्रिल मशीन क्रय किए है। उन्होंने बताया कि इस मशीन का प्रयोग बोआई में करने पर बीज की 15- 25 प्रतिशत तक बचत होती है। समान दूरी और गहराई पर बोआई से अंकुरण बेहतर हुआ है और उत्पादन में 20-30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई।