Registration Department eliminates loan book requirementRegistration Department eliminates loan book requirement
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रायपुर, 18 अक्टूबर 2025/ ETrendingIndia / Chhattisgarh: Registration Department eliminates loan book requirement, makes registry process simple, transparent and quick / छत्तीसगढ़ ऋण पुस्तिका समाप्त , मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ पी चौधरी के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पंजीयन विभाग ने एक महत्वपूर्ण जनहितैषी निर्णय लेते हुए कृषि भूमि की खरीदी-बिक्री (रजिस्ट्री) के लिए ऋण पुस्तिका (किसान किताब) प्रस्तुत करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।

यह निर्णय किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होगी।

यह निर्णय दिवाली पर प्रदेशवासियों के लिए शासन की ओर से एक बड़ी सौगात है। किसानों और नागरिकों को रजिस्ट्री से जुड़ी जटिलताओं से राहत दिलाने हेतु राज्य शासन ने ऑटो म्यूटेशन प्रणाली में सुधार करते हुए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त कर दी है.

डिजिटल इंटीग्रेशन से पारदर्शिता

राजस्व विभाग के ऑनलाइन रिकॉर्ड अब पंजीयन सॉफ्टवेयर से पूर्ण रूप से एकीकृत हो चुके हैं। अब रजिस्ट्री के लिए आवश्यक सभी डेटा, दस्तावेज और सत्यापन जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहती है।

राज्य शासन ने पंजीयन प्रक्रिया को 100% डिजिटल सत्यापन प्रणाली में परिवर्तित कर दिया है, जिससे किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार “सरल शासन – सुशासन” की दिशा में लगातार नवाचार कर रही है। पंजीयन विभाग की यह पहल उसी श्रंखला का हिस्सा है .

ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना न केवल प्रक्रिया को सरल बनाता है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और जनविश्वास को भी सशक्त बनाता है।

इस निर्णय से अब नागरिकों को अनावश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की बाध्यता से मुक्ति मिलेगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया में समय और धन दोनों की उल्लेखनीय बचत होगी तथा दफ्तरों, पटवारी और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

इससे न केवल भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर भी विराम लगेगा.

कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।


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