chhattisgarh
chhattisgarh
Share This Article

रायपुर 11 फरवरी 2026/ ETrendingIndia / छत्तीसगढ़ वनाग्नि रोकथाम अभियान , छत्तीसगढ़ में जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग द्वारा अनेक अभिनव पहल की जा रही है और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को वनों के महत्व और आग से होने वाले नुकसान के प्रति सजग करना है।

नुक्कड़ नाटकों से दिया जा रहा संदेश

‘झंकार कला मंच’ के कलाकार नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से खैरागढ़ छुईखदान – गंडई जिले के ग्रामीणों को समझा रहे हैं कि वनाग्नि केवल पेड़ों को ही नहीं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता, जलस्तर और जैव विविधता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है।

36 गांवों को किया गया शामिल

अभियान के अंतर्गत खैरागढ़, छुईखदान, गंडई और साल्हेवारा परिक्षेत्र के 36 गांवों को शामिल किया गया है। ग्राम कानीमेरा, हाटबंजा और बुढ़ानभाठ में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।

आग से बचाव के ठोस उपाय


वनों में फायर लाइन की सफाई कराई जा रही है और फायर वाचर्स की तैनाती की गई है। इसके साथ ही महुआ ब्लेजिंग, स्कूलों में चित्रकला प्रतियोगिता और सरपंचों को पोस्टकार्ड भेजने जैसे नवाचार अपनाए जा रहे हैं।

आपात स्थिति में सूचना व्यवस्था


किसी भी आपात स्थिति में आग की सूचना देने के लिए जिले में फॉरेस्ट फायर कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है, जिससे समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।