मरका पंडुम में मुख्यमंत्री साय का संकल्प: नक्सलवाद का अंत और गोंडवाना समाज का विकास प्राथमिकता

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ETrendingIndia कांकेर जिले के ग्राम भिरावाही में आयोजित मरका पंडुम पर्व के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भाग लिया। यह पर्व गोंडवाना समाज की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का प्रतीक है। समारोह में मुख्यमंत्री ने बूढ़ादेव और आंगा देव की पूजा करते हुए प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने गोंडवाना सामाजिक भवन के जीर्णोद्धार और अन्य निर्माण कार्यों हेतु 80.48 लाख रुपए की घोषणाएं कीं।नक्सलवाद का अंत और गोंडवाना समाज का विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में समाज को शिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि परंपरा और संस्कृति को सहेजना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना और प्रयास विद्यालय जैसी योजनाओं ने विशेष पिछड़ी जनजातियों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। साथ ही, राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का अभियान तेजी से चल रहा है। उन्होंने यह भरोसा जताया कि आगामी एक वर्ष में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह का संकल्प – नक्सलवाद का अंत और गोंडवाना समाज का विकास – जरूर पूरा होगा। नियद नेल्लानार योजना का विस्तार करके अधिक से अधिक ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं गोंडवाना समाज के उत्थान के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाली का संकेत देती हैं। नक्सलवाद का अंत और गोंडवाना समाज का विकास यह कार्यक्रम सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।