Collector and CEO walk 5 km
Collector and CEO walk 5 km
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रायपुर, 11 अक्टूबर 2025 / ETrendingIndia / Collector and CEO walk 5 km, cross river and reach Abujhmad region for the first time / अबूझमाड़ क्षेत्र में कलेक्टर का दौरा , बस्तर का अबूझमाड़ क्षेत्र, जहां पहुंचने से सूरज की किरण भी घबराती है। ऐसे क्षेत्र में विकास और प्रशासनिक अमले के पहुंचने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। मगर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की जीवटता ने इस असंभव को संभव कर दिखाया है। अपने जिले के इन दोनों सीनियर अफसरों ने पांच किलोमीटर लंबा रास्ता पैदल नापते और बाढग़्रस्त नदी नालों को पार करते हुए अबूझमाड़ क्षेत्र में अपने कदम रख ही दिए।

ये अधिकारियों के कदम नहीं, विकास की नई पदचाप है, संकटों से झूझते अबूझमाड़ी ग्रामीणों की उम्मीद की किरण है। असंभव को संभव को कर दिखाने वाले अफसर हैं बीजापुर जिले के कलेक्टर संबित मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे।

एक दौर था जब बस्तर संभाग के बीजापुर और नारायणपुर जिलों तक फैला अबूझमाड़ क्षेत्र नक्सलियों का सुरक्षित पनाहगाह हुआ करता था। मगर अब इस गढ़ को सुरक्षा बलों ने भेद डाला है। अबूझमाड़ में सुरक्षा बलों के कई कैंप स्थापित हो चुके हैं और वहां के गांवों में भी विकास का उजियारा धीरे धीरे बिखरने लगा है।

बड़ी बात तो यह है कि अबूझमाड़ में अब तक जिला स्तर का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंच पाया था। बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे इस अबूझ धरती पर कदम रखने वाले पहले अधिकारी बन गए हैं।

इन दोनों अधिकारियों ने बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक में इंद्रावती नदी के उस पार स्थित सुदूर गांव बेलनार तक पांच किलोमीटर लंबा सफर पैदल तय किया, उफनती नदी को पार करने का बड़ा जोखिम उठाया।

अबूझमाड़ क्षेत्र में कलेक्टर का दौरा , दोनों अफसरों ने बेलनार गांव में हाल ही में स्थापित नवीना सुरक्षा कैंप का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति पर उनसे चर्चा की। साथ ही ग्रामीणों से मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए शासन प्रशासन की प्रतिबद्धता से अवगत कराया और ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

बेलनार में सुरक्षा कैंप की स्थापना से नियद नेल्ला नार योजना के तहत शामिल गांवों में विकास की रफ्तार तेज होगी। और शासन की योजनाएं अब इन क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगी। इससे माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा से वंचित लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संबित मिश्रा और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे ने ग्रामीणों को ग्रामीण विकास की योजनाओं का लाभ लेने प्रेरित किया। प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के छत का आशियाना बनाने प्रेरित किया। नवीन आंगनबाड़ी भवन बन जाने से जिससे स्थानीय बच्चों को पोषण आहार और प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। निरीक्षण के दौरान सीईओ जनपद पंचायत, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी थे.