रायपुर, 08 अगस्त 2026/ Crocodile Rescue : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के तरदा गांव में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेत में काम कर रहे किसानों को कीचड़ के बीच करीब 3 से 4 फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ नजर आते ही किसानों ने ग्रामीणों को सूचना दी। देखते ही देखते तरदा और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
किसानों ने रस्सी-जाल से पकड़ा
मगरमच्छ को खेत में देखकर ग्रामीणों ने साहस दिखाया और रस्सी व जाल की मदद से उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर बांधकर वन विभाग को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मगरमच्छ की लंबाई करीब 3 से 4 फीट थी। ग्रामीणों ने इसे मगरमच्छ का बच्चा बताया। मगरमच्छ के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
हसदेव नदी से खेत तक पहुंचने की आशंका
ग्रामीणों की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम तरदा गांव पहुंची। टीम ने मगरमच्छ का प्राथमिक परीक्षण किया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी ने बताया कि ग्रामीणों से खेत में मगरमच्छ होने की सूचना मिली थी।
ग्रामीणों ने उसे पकड़कर रखा हुआ था। फिलहाल मौके से एक ही मगरमच्छ मिला है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है और मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तरदा गांव हसदेव नदी के किनारे स्थित है। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ के बहकर खेतों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। विभाग ने इलाके में और भी मगरमच्छ होने की संभावना को देखते हुए नदी किनारे और आसपास के खेतों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
वन विभाग की ग्रामीणों से अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी किनारे अकेले न जाएं और बच्चों को भी नदी या उसके आसपास जाने से रोकें। विभाग ने साफ कहा है कि यदि किसी स्थान पर मगरमच्छ दिखाई देता है तो उसे खुद पकड़ने की कोशिश न करें।
मगरमच्छ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है। पकड़ा गया मगरमच्छ फिलहाल वन विभाग के संरक्षण में है और उसे अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
