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रायपुर 25 अक्टूबर 2025 / ETrendingIndia / Girls’ education has found a new path: Daughters are shaping their future through the Devnarayan Chhatra Scooty Distribution and Incentive Scheme / देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना , राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश की प्रत्येक बेटी उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें, जिससे राज्य महिला शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाईयों को छू सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा संचालित देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना प्रदेश की किशोरियों में उत्साह और जोश भरने का कार्य कर रही है।

     योजना कॉलेज शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2011-12 में आरम्भ की गई थी। इसके तहत राजस्थान मूल की विशेष पिछडा वर्ग की वह छात्रा जिसने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 50 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त किये तथा राजस्थान स्थित राजकीय महाविद्यालय, राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम वर्ष में नियमित अध्ययनरत है, उसे 12 वीं परीक्षा में प्राप्तांक प्रतिशत की वरीयता सूची के आधार पर स्कूटी प्रदान की जाती है।

वर्ष 2025 से बालिकाओं को हर वर्ष 4 हजार 240 स्कूटियों का किया जाएगा वितरण-

 मुख्यमंत्री की पहल पर इस योजना के तहत प्रतिवर्ष निर्धारित लक्ष्य के अलावा अन्य समान कट ऑफ प्राप्तांक वाली छात्राओं को भी स्कूटी निःशुल्क वितरित की जाती है। 

इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रा के माता पिता/अभिभावक/संरक्षक/पति की वार्षिक आय 2.50 लाख रूपये से कम होनी चाहिए। वर्ष 2019-20 से प्रतिवर्ष 1500 स्कूटी वितरण का लक्ष्य निर्धारित था, जिसे राज्य सरकार द्वारा बढ़ाया गया है और अब वर्ष 2025-26 से 4 हजार 240 स्कूटियों का वितरण किया जाएगा।

    श योजना के अंतर्गत विशेष पिछडा वर्ग की वे छात्राएं जो स्कूटी स्वीकृति की वरीयता सूची में नहीं आ पाती हैं, उनके लिए स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष में 50 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने पर 10,000 रूपये वार्षिक प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही, उन्हें स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में 20,000 रूपये वार्षिक तथा स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में 50 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष में 20,000 रूपये वार्षिक प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

इसके लिए विशेष पिछडा वर्ग की वे छात्राएं जिनके माता-पिता अथवा अभिभावक की वार्षिक आय 2.50 लाख रूपये से कम है तथा जो राजकीय महाविद्यालय, राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत है, पात्र हैं।

   राज्य सरकार द्वारा देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण के तहत अब तक 74 करोड़ 35 लाख रुपये व्यय कर 16 हजार 21 छात्राओं को लाभान्वित किया जा चुका है। साथ ही, प्रोत्साहन राशि में 9 करोड़ 76 लाख रुपए व्यय कर 19 हजार 100 छात्राएं लाभान्वित की जा चुकी हैं। 

योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 56.10 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान स्वीकृत है, जिसके विरूद्ध माह सितंबर 2025 तक 32.92 करोड़ राशि का व्यय किया जा चुका है।