रायपुर 25 मई 2026 / ETrendingIndia / डिजिटल अरेस्ट ठगी का बड़ा मामला, महिला से 24 करोड़ की साइबर ठगी
बेंगलुरु में डिजिटल अरेस्ट ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को करीब 5 महीने तक मानसिक दबाव में रखकर 24 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
खुद को CBI अधिकारी बताकर महिला को डराया
जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताया। इसके बाद उन्होंने महिला को कहा कि उनके बैंक खाते मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े हैं। इसी कारण महिला को “डिजिटल अरेस्ट” में होने की बात कहकर लगातार डराया गया।
इसके अलावा, आरोपियों ने महिला को किसी से बात नहीं करने की चेतावनी भी दी। परिणामस्वरूप महिला मानसिक दबाव में आ गई और धीरे-धीरे करोड़ों रुपये ट्रांसफर करती रही।
प्रॉपर्टी बेचने के बाद बनी साइबर ठगों का निशाना
बताया गया कि महिला ने हाल ही में बेंगलुरु और मुंबई की कुछ संपत्तियां बेची थीं। इसी कारण उनके खाते में बड़ी रकम आई थी। ठगों को इसकी जानकारी मिल गई और उन्होंने महिला को निशाना बना लिया।
फिर, महिला से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 24 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए। पुलिस के अनुसार, यह कर्नाटक के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट ठगी मामलों में से एक माना जा रहा है।
बैंक मैनेजर की सतर्कता से बची आगे की ठगी
मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला एक बैंक शाखा में 1.3 किलो सोना गिरवी रखने पहुंचीं। बैंक मैनेजर को शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद CCB साइबर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, 22 बैंक खातों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने करीब 60 लाख रुपये भी फ्रीज किए हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या जांच एजेंसी के नाम पर आने वाले दबाव से सावधान रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामलों में साइबर अपराधी डर और मानसिक दबाव का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन में शिकायत करनी चाहिए।
