रायपुर, 04 जुलाई 2026/ ‘Drugs Queen’ Navya Malik Case: Investigation handed over to the SIT… Now, the net tightens around influential figures and the entire drug network.
Drugs Queen Navya Malik Case : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चर्चित नव्या मलिक एमडीएमए ड्रग केस में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कथित मनी ट्रेल और वित्तीय लेनदेन की अलग से जांच में जुट गया है। अब जांच केवल ड्रग बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क, हाईप्रोफाइल कनेक्शन और आर्थिक लेनदेन की परतें भी खंगाली जाएंगी।
5 सदस्यीय SIT करेगी नई जांच
रायपुर पुलिस ने एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), दो निरीक्षकों सहित पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। यह टीम एमडीएमए के स्रोत, सप्लायर, खरीद-बिक्री की श्रृंखला, डिजिटल साक्ष्य और आरोपियों की भूमिका की नए सिरे से जांच करेगी।
अगस्त 2025 में सामने आया था मामला
23 अगस्त 2025 को रायपुर पुलिस ने एमडीएमए के साथ हर्ष आहूजा, मोनू बिश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के आधार पर मुंबई से नव्या मलिक को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह कथित रूप से रायपुर की हाईप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और नाइट क्लबों में एमडीएमए सप्लाई से जुड़ी थी।
चार्जशीट में कई नाम, डिजिटल नेटवर्क पर फोकस
पुलिस चार्जशीट के अनुसार, ड्रग सप्लाई का नेटवर्क मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में ऋषिराज टंडन, विधि अग्रवाल सहित अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। वहीं मोहित ईशरानी पर कथित भुगतान से जुड़ी भूमिका का उल्लेख किया गया है। इन आरोपों की जांच प्रक्रिया जारी है।
मोबाइल, बैंक खाते और चैट की होगी जांच
एसआईटी मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट, बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजैक्शन और नकद लेनदेन की फोरेंसिक जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इस नेटवर्क के तार दूसरे राज्यों या पहले दर्ज एनडीपीएस मामलों से जुड़े हैं या नहीं।
हाईप्रोफाइल पार्टियां भी रडार पर
जांच एजेंसियां निजी पार्टियों, क्लबों, पब और कथित टेक्नो पार्टियों में ड्रग सप्लाई के आरोपों की भी जांच करेंगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस पूरे नेटवर्क को किसी प्रभावशाली व्यक्ति या संगठित गिरोह का संरक्षण तो नहीं मिला था।
ED खंगालेगी मनी ट्रेल
प्रवर्तन निदेशालय (ED) कथित अवैध कमाई, बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहा है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि ड्रग कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।
