E-Sakshya
Share This Article

रायपुर, 07 सितंबर। E-Sakshya : छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस और संबंधित विभागों को रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि कानूनों के हर मापदंड पर ठोस सुधार दिखाई देना चाहिए। खास तौर पर FIR और चार्जशीट के ऑनलाइन प्रेषण, e-Sakshya, NAFIS और e-Summon जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं के तेजी से क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

NCLI Dashboard में छत्तीसगढ़ की स्थिति सुधरी, अब और बेहतर प्रदर्शन पर जोर

गृह मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के National Criminal Law Implementation (NCLI) Dashboard की रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने डैशबोर्ड के अलग-अलग मापदंडों की बिंदुवार जानकारी लेते हुए राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिए अधिकारियों को ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बताया गया कि लगातार किए जा रहे प्रयासों के बाद जुलाई महीने से छत्तीसगढ़ की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विजय शर्मा ने इस प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि सुधार की गति सभी मापदंडों पर लगातार बनाए रखी जाए।

FIR से कोर्ट तक प्रक्रिया होगी डिजिटल, चार्जशीट ऑनलाइन भेजने पर फोकस

समीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा जोर FIR से न्यायालय तक की प्रक्रिया को तेज और तकनीक आधारित बनाने पर रहा। गृह मंत्री ने FIR और चार्जशीट सीधे न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था जल्द पूरी करने को कहा, ताकि विवेचना से लेकर ट्रायल तक लगने वाला समय कम किया जा सके।

उन्होंने सभी थानों को National Automated Fingerprint Identification System (NAFIS) और e-Sakshya के प्रभावी इस्तेमाल के लिए तकनीकी और कार्यात्मक रूप से तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही e-Summon जारी होने के बाद उसकी समय पर तामील और निर्धारित समय-सीमा में चार्जशीट ऑनलाइन कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

अधिसूचनाएं जल्द जारी होंगी, पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग पर भी जोर

विजय शर्मा ने प्रशासनिक सुधार के तहत जरूरी अधिसूचनाओं और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल तकनीकी सिस्टम तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना भी जरूरी है।

गृह मंत्री के मुताबिक, तकनीकी व्यवस्थाओं और मैदानी स्तर की दक्षता के बेहतर तालमेल से ही नए आपराधिक कानूनों का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाया जा सकेगा।

CCTNS और ICJS की दिक्कतों पर भी हुई चर्चा

बैठक में नए आपराधिक कानूनों के साथ CCTNS और Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS) के क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर सामने आ रही तकनीकी और प्रक्रियात्मक चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

विजय शर्मा ने BPR&D, NCRB और NIC के अधिकारियों के साथ संभावित समाधान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में केंद्रीय स्तर से तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है, उनमें संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर जल्द समाधान निकाला जाए।

बैठक में NCRB, BPR&D, गृह विभाग, पुलिस, जेल, अभियोजन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संभागीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी भी जुड़े।

क्या है NCLI Dashboard और क्यों है महत्वपूर्ण?

National Criminal Law Implementation (NCLI) Dashboard गृह मंत्रालय, भारत सरकार का केंद्रीकृत डिजिटल मंच है। इसके जरिए देशभर में तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—के क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।

छत्तीसगढ़ में अब फोकस सिर्फ इन कानूनों को लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि हर मापदंड पर प्रदर्शन बेहतर करने और पुलिसिंग को ज्यादा डिजिटल, तेज और पारदर्शी बनाने पर है।


Share This Article