Fake Notes : ₹3.75 लाख की उधारी चुकाने पहुंचे नकली नोट…! बैग खुलते ही खुला ₹12.50 लाख की फर्जी करेंसी का राज
Fake Notes
रायपुर, 11 अगस्त 2026/ Fake Notes : कबीरधाम जिले में नकली नोट तैयार कर उन्हें असली बताकर बाजार में खपाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बोडला थाना क्षेत्र की पोंडी चौकी और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे और प्रकरण में जब्त सामग्री को मिलाकर कुल ₹12.50 लाख की नकली करेंसी बरामद की गई है।
पुलिस ने नकली नोट बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण और अन्य सामान भी जब्त किया है। इनमें कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और टाटा पंच EV कार शामिल हैं।
₹3.75 लाख की उधारी ने खोला नकली नोटों का राज
मामले का खुलासा ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव की शिकायत के बाद हुआ। पुलिस के अनुसार, दिनेश ने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को ₹3.75 लाख उधार दिए थे। रकम वापस मांगने पर घुरवा राम ने पैसे लौटाने का भरोसा दिया। इसके बाद 9 अगस्त की रात घुरवा राम ने दिनेश को ग्राम पोंडी स्थित शराब भट्टी के पास रकम लेने के लिए बुलाया। दिनेश अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ वहां पहुंचा। इसी दौरान सतीश कुमार और उसका एक साथी काले बैग में रकम लेकर पहुंचे।
दिनेश को नोटों पर शक हुआ। बैग की जांच करने पर उसमें ₹500 के नोटों के रूप में ₹4.50 लाख की नकली करेंसी मिली। इसके बाद पुलिस को तत्काल सूचना दी गई।
पूछताछ में सामने आया तीन आरोपियों का नेटवर्क
शिकायत के बाद पुलिस ने सतीश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने की बात स्वीकार की। सतीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी जुलाई 2026 से नकली नोट तैयार करने का काम कर रहे थे।
नए बस स्टैंड के पास किराए के कमरे में चल रहा था खेल
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने नए बस स्टैंड के पास एक कमरा किराए पर लिया था, जहां कथित तौर पर नकली नोट तैयार किए जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 13 जुलाई को कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद जाली नोट तैयार करने का सिलसिला शुरू हुआ। तैयार नकली करेंसी को असली रकम के रूप में बाजार में चलाने की योजना बनाई गई थी।
इसी योजना के तहत आरोपियों ने उधारी की रकम लौटाने के बहाने शिकायतकर्ता को भी नकली नोट देने की कोशिश की। नोटों पर संदेह होने के बाद पूरा मामला पुलिस के सामने आ गया।
प्रिंटर, मोबाइल और कार समेत सामान जब्त
संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने नकली नोटों के अलावा उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण और अन्य सामान भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री में कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और टाटा पंच EV कार शामिल है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितनी नकली करेंसी तैयार की और उसे किन-किन स्थानों पर चलाया गया। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
