Share This Article रायपुर, 18 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / हैदराबाद में दक्षिणी राज्यों की क्षेत्रीय कृषि कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्य, वैज्ञानिक और किसान मिलकर ‘टीम एग्रीकल्चर’ हैं। बैठक में तय किए गए लक्ष्यों पर समय सीमा में काम नहीं हुआ तो पूरी कवायद बेकार हो जाएगी। ‘ईटिंग-मीटिंग-सीटिंग नहीं, परिणाम देना है’ शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवल बैठक कर लेने से काम पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा, “ईटिंग, मीटिंग, सीटिंग कर ली और कुछ नहीं किया तो जनता के साथ चीटिंग हो जाएगी।” राज्यों को कॉन्फ्रेंस में किए गए कमिटमेंट तय समय में पूरे करने होंगे। Farmer ID और AgriStack पर तेजी तेलंगाना और कर्नाटक में Farmer ID बनाने का काम 75% से अधिक पहुंचा।केरल, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार में इसमें और तेजी की जरूरत। Land Parcel को किसान रजिस्ट्री से जोड़ने और Land Record डेटा के समन्वय पर जोर। किरायेदार और बटाईदार किसानों के लिए राज्यों से SOP तैयार करने को कहा गया। 13 क्षेत्रीय भाषाओं में ‘भारत विस्तार’ ‘भारत विस्तार’ सेवा को हिंदी-अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की तैयारी है। किसान अपनी भाषा में कृषि संबंधी सवाल पूछकर उसी भाषा में सलाह प्राप्त कर सकेंगे। ‘लैब से लैंड तक पहुंचे रिसर्च’ केंद्रीय मंत्री ने वैज्ञानिकों को गांवों और खेतों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ICAR संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय और KVK केवल शोध के लिए नहीं, बल्कि शोध को किसानों तक पहुंचाने के लिए भी हैं। 28-29 सितंबर को रबी कॉन्फ्रेंसदिल्ली के पूसा संस्थान में 28 और 29 सितंबर को रबी कॉन्फ्रेंस होगी। इसमें राज्यों के फसलवार प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके आधार पर बीज, उर्वरक और अन्य कृषि संसाधनों की जरूरत का आकलन किया जाएगा। भारत को ‘फूड बास्केट’ बनाने का लक्ष्य शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत को कृषि क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर और वैश्विक फूड बास्केट बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए केंद्र, राज्य, वैज्ञानिक और किसान मिलकर काम करेंगे। Share This Article Post navigation हल्दी बीज वितरण में अनियमितता की शिकायत …! कृषि मंत्री ने दिए जांच के निर्देश