Share This Article रायपुर, 04 सितंबर / ETrendingIndia / केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का लाभ देश के हर जिले, MSME, व्यापारी, स्टार्टअप और महिला उद्यमी तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत के मौजूदा 9 FTA करीब 60 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं और वैश्विक व्यापार के करीब दो-तिहाई हिस्से तक तरजीही पहुंच देते हैं। 75% वैश्विक व्यापार तक पहुंच का लक्ष्य गोयल के मुताबिक आगामी FTA और मौजूदा समझौतों की समीक्षा के बाद भारत प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर दरों पर वैश्विक व्यापार के करीब 75% हिस्से तक पहुंच बना सकता है। निर्यात में तेज बढ़ोतरी अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान भारत का निर्यात करीब 317 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि के लगभग 280 अरब डॉलर से 36-37 अरब डॉलर अधिक है। भारत ने चालू वर्ष के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। हर जिले के कारोबार को मिलेगा वैश्विक बाजार मंत्री ने कहा कि FTA का लाभ केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हर जिले के छोटे कारोबारी, MSME, नए निर्यातक, स्टार्टअप और महिला उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ना जरूरी है। कपड़ा उद्योग में बदली स्थिति गोयल ने कहा कि पहले बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों को कम शुल्क का लाभ मिलने से भारतीय कपड़ा उद्योग को प्रतिस्पर्धा में कठिनाई होती थी। अब कई विकसित बाजारों में भारत को बेहतर दरें मिल रही हैं। ऐसे में गुणवत्ता, कीमत, पैमाना और समय पर डिलीवरी पर ध्यान देना होगा। 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर निर्यात का लक्ष्य गोयल ने बड़े लक्ष्य तय करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात के लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य ही देश में ज्यादा रोजगार और नए उद्यम पैदा करने की क्षमता रखते हैं। MSME और नए निर्यातकों पर फोकस सरकार FTA की जानकारी को स्थानीय भाषाओं में आसान तरीके से पहुंचाने, ई-कॉमर्स के जरिए छोटे कारोबारियों को विदेशी बाजारों से जोड़ने और निर्यातकों की समस्याओं का ऑनलाइन व त्वरित समाधान देने पर जोर देगी। हर जिले को निर्यात केंद्र बनाने की तैयारी सरकार का लक्ष्य है कि उत्पाद और उद्योग क्लस्टर की पहचान कर उन्हें सही विदेशी बाजारों से जोड़ा जाए। निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत निर्यात ऋण, डिजिटल अनुपालन, FTA दस्तावेज और प्रमाणन जैसी सुविधाओं में मदद दी जाएगी। गोयल ने कहा कि भारत को विश्व का एक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार बनना है और FTA के अवसरों को जमीनी स्तर पर रोजगार, विदेशी मुद्रा और आर्थिक विकास में बदलना है। Share This Article Post navigation India-US Trade deal : पीयूष गोयल का बड़ा बयान – भारतीय हितों से कोई समझौता नहीं कपड़ा कचरा बनेगा कमाई का जरिया…! GeM ने टेक्सटाइल कमेटी से मिलाया हाथ