Share This Article रायपुर, 04 सितंबर / ETrendingIndia / सरकारी खरीद के जरिए कपड़ा कचरे, कतरन और पुराने कपड़ों से बने रीसाइक्ल्ड व अपसाइक्ल्ड उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) और टेक्सटाइल कमेटी (TC) ने एमओयू किया है। इससे कपड़ा कचरे को उपयोगी उत्पादों में बदलने वाले उद्यमों को बड़ा सरकारी बाजार मिल सकेगा। ‘वेस्ट से वैल्यू’ तक की पहल इस साझेदारी के तहत कपड़ा कचरे को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलकर GeM के माध्यम से सरकारी खरीदारों तक पहुंचाया जाएगा। इससे सर्कुलर टेक्सटाइल इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। GeM पर बनेंगी विशेष श्रेणियां GeM रीसाइक्ल्ड और अपसाइक्ल्ड टेक्सटाइल उत्पादों के लिए समर्पित कैटेगरी बनाएगा। साथ ही विक्रेताओं को जोड़ने और सरकारी खरीदारों तक ऑनलाइन बाजार उपलब्ध कराने में मदद करेगा। उत्पादों की गुणवत्ता पर जोर टेक्सटाइल कमेटी पात्र निर्माताओं की पहचान, सत्यापन, प्रमाणन और मान्यता में सहयोग करेगी। साथ ही तकनीकी मानक, उत्पाद विनिर्देश, बाजार अनुसंधान और क्षमता निर्माण में मदद दी जाएगी। महिलाओं और MSME को मिलेगा बढ़ावा पहल में महिलाओं, MSME, स्थानीय उद्यमों, कारीगरों और रीसाइक्लर्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना के अनुरूप है। पर्यावरण के साथ रोजगार के नए अवसर इस पहल से कपड़ा कचरे में कमी, संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ रोजगार व नए बाजार अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकारी खरीद के बड़े नेटवर्क के जरिए टेक्सटाइल वेस्ट को आर्थिक अवसर में बदलने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है। Share This Article Post navigation FTA का फायदा अब हर जिले तक…! भारत की वैश्विक व्यापार में बड़ी छलांग की तैयारी भारत ने रत्न एवं आभूषण निर्यात के लिए 100 अरब डॉलर का लक्ष्य रखा