Guinea Dump Site Accident: Mountain of waste turns into a deadly collapse...! 30 dead, many buried—including a 4-year-old child; 6 in critical condition.Guinea Dumping Ground Accident
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रायपुर, 24 अगस्त 2026/ Guinea Dumping Ground Accident : पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के भारी बारिश के बाद बड़ा हादसा हो गया। शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक डंपिंग ग्राउंड में कचरे का विशाल ढेर भरभराकर पास के घरों पर जा गिरा। हादसे में 4 वर्षीय बच्चे समेत 30 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

भारी बारिश के बाद भरभराकर गिरा कचरे का पहाड़

जानकारी के मुताबिक, हादसा रविवार तड़के करीब 2 बजे हुआ। उस वक्त ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। भारी बारिश के बाद डंपिंग साइट पर जमा कचरे का विशाल ढेर अचानक ढह गया और इसकी चपेट में आसपास बने कई घर आ गए। यह डंपिंग साइट राजधानी के बाहरी इलाके बेस्सिया जिले के दार-एस-सलाम मोहल्ले में स्थित है।

मलबे में जिंदगी की तलाश जारी

हादसे के बाद बचाव दल को मौके पर तैनात किया गया है। स्थानीय लोग भी राहत और बचाव अभियान में जुटे हैं। मलबे के नीचे दबे संभावित जीवित लोगों की तलाश की जा रही है। शवों को निकालने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। स्थानीय अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं। स्थानीय मोहल्ला नेता लैंसिन सिला ने बताया कि अब तक कई शव निकाले जा चुके हैं और उन्हें मुर्दाघर भेजा गया है। उन्होंने आशंका जताई कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

प्रधानमंत्री ने घटनास्थल का किया दौरा

गिनी के प्रधानमंत्री अमदौ उरी बाह ने खुद घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। सरकार की ओर से घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और हादसे से प्रभावित लोगों को सहायता देने के लिए कदम उठाए जाने की बात कही गई है।

हादसे पर उठे गंभीर सवाल

इस त्रासदी के बाद डंपिंग साइट की सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और वर्तमान विपक्षी नेता सेलौ डेलिन डियालो ने घटना पर दुख जताते हुए दावा किया कि जिस डंपयार्ड में यह हादसा हुआ, उसे 23 अगस्त को स्थायी रूप से बंद किया जाना था। विपक्ष ने मांग की है कि हादसे की पारदर्शी जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


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