H-1B visa fees illegal
H-1B visa fees illegal
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रायपुर ,10 जून 2026/ ETrendingIndia / Another setback for Trump from the US court… termed H-1B visa fees illegal. अमेरिका की एक संघीय कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कुशल विदेशी कामगारों के लिए एच-1बी वीजा शुल्क पर लगाए गए 1 लाख डॉलर (करीब 90 लाख रुपये) के शुल्क को रद्द कर दिया है।

बोस्टन स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश लियो सोरोकिन ने फैसला सुनाया कि यह एक गैरकानूनी शुल्क था, जिसे अमेरिकी कांग्रेस ने कभी अधिकृत नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना इतना भारी शुल्क लगाने का अधिकार नहीं था।

ट्रंप प्रशासन ने तर्क दिया कि यह शुल्क एक वैध मौद्रिक दंड था, जिसे राष्ट्रपति संघीय आव्रजन कानून के तहत लगा सकते थे।

यह कानून उन्हें अमेरिकी हित को देखते हुए कुछ विदेशी नागरिकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की शक्ति देता है।

इस पर सोरोकिन ने कहा कि यह शुल्क जुर्माना नहीं, टैक्स था, जिसे जारी करने के लिए राष्ट्रपति के पास कांग्रेस से कोई मंजूरी नहीं थी। इसे विदेश विभाग और अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाएं लागू नहीं कर सकती।

कोर्ट ने 20 डेमोक्रेटिक राज्य के अटॉर्नी जनरलों द्वारा दायर एक मुकदमे में यह फैसला सुनाया है। राज्यों ने ट्रंप द्वारा सितंबर में घोषित वीजा शुल्क को चुनौती दी थी।

डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा नियुक्त सोरोकिन ने लिखा, यहां, 1 लाख डॉलर के भुगतान का सार और अनुप्रयोग दर्शाता है कि यह एक टैक्स है, चाहे भुगतान को किसी भी नाम से पुकारा जाए। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा कि आदेश के खिलाफ अपील की जाएगी।

एच-1बी कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को प्रशिक्षित विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। खासकर अमेरिकी आईटी कंपनियां इस वीजा पर निर्भर हैं। हर साल अमेरिका 65,000 एच-1बी वीजा प्रदान करता है, जिसमें अमेरिका से उच्च शिक्षा प्राप्त कर्मचारियों के लिए 20,000 वीजा आरक्षित है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले साल एच-1बी वीजा प्राप्त करने के लिए वार्षिक शुल्क 1 लाख डॉलर कर दिया है, जिससे अमेरिकी कंपनियां निराश हैं। पहले यह शुल्क लगभग 2,000 डॉलर से 5,000 डॉलर था।

अमेरिका में एच-1बी कार्यक्रम उच्च कुशल भारतीयों के लिए अमेरिका में काम करने के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है। यह अमेरिकी कंपनियों को प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा और वित्त में विशेषज्ञता रखने वाले विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। हर साल जारी होने वाले एच-1बी वीजा में से अधिकांश वीजा भारतीय नागरिकों को ही मिलते हैं।

वर्तमान में अमेरिका में लगभग 7.30 लाख एच-1बी वीजा धारक और उनके लगभग 5.50 लाख आश्रित रहते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप को उनके फैसले के लिए अमेरिकी कोर्ट ने शर्मिंदा किया हो। इससे पहले उनके द्वारा अमेरिका के साथ व्यापार करने वाले देशों पर बेतहाशा व्यापार टैरिफ लगाया गया था, जिसे अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट रद्द कर चुका है।