Share This Article रायपुर, 15 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट ‘चहचहाट’ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मांढर में हरेली पक्षी महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। महोत्सव का उद्देश्य आर्द्रभूमि एवं पक्षी संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में Bird Walk एवं Bird Count का आयोजन किया गया। इसमें कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन के साथ ग्रामीणों, बच्चों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने तालाब एवं आसपास के क्षेत्र में पक्षियों का अवलोकन कर उनकी पहचान एवं उपस्थिति दर्ज की। डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा आर्द्रभूमि एवं पक्षी संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि तालाब, आर्द्रभूमि, पेड़-पौधों और पक्षियों का संरक्षण केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य है। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिला समूहों के लिए आजीविका के अवसर तैयार होना परियोजना ‘चहचहाट’ की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कलेक्टर ने बच्चों से बातचीत कर उनके द्वारा बनाए गए चित्रों एवं मॉडलों का अवलोकन किया और उन्हें प्रकृति संरक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि गांव के तालाब, आर्द्रभूमि और पक्षी स्थानीय प्राकृतिक संपदा हैं। सामुदायिक भागीदारी से ही संरक्षण के प्रयासों को स्थायित्व दिया जा सकता है। स्वामी आत्मानंद विद्यालय के विद्यार्थियों ने पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर चित्र और कृत्रिम घोंसले बनाए। कुछ बच्चों ने छत्तीसगढ़ महतारी की वेशभूषा में सहभागिता की। हरेली की परंपरा को जोड़ते हुए गेड़ी दौड़ एवं फुगड़ी जैसे पारंपरिक खेल आयोजित किए गए। फूड कोर्ट एवं ई-रिक्शा सेवा का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता चंद्राकर, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती बबीता, सरपंच कुमारी आदिल, जनपद पंचायत सीईओ श्री आशीष केशरवानी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री सुमित येरपुडे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। Share This Article Post navigation अबूझमाड़ के सुदूर अंदरूनी क्षेत्रों में BSF का “हर घर तिरंगा” अभियान नगर निगम के करों की वर्षों से अदायगी नहीं : 3 बकायेदारों के व्यवसायिक परिसरों में सीलबंदी