रायपुर, 30 जुलाई / ETrendingIndia / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सेवानिवृत्त पेंशन संघ द्वारा लंबित पेंशन, महंगाई राहत एवं अन्य वैधानिक देयों के भुगतान की मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तीसरे दिन भी क्रमिक धरना एवं सत्याग्रह जारी रहा।
संघ की ओर से डॉ. एस.एस. बघेल, सेवानिवृत्त संचालक अनुसंधान एवं पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय, असम तथा संघ के अध्यक्ष डॉ. एन. के. चौबे ने कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल से भेंट कर लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
चर्चा के दौरान कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन पेंशन प्रकरणों का निराकरण करना चाहता है ।
हालाँकि, सेवानिवृत्त पेंशन संघ एवं धरनारत सदस्यों ने इस उत्तर पर असंतोष व्यक्त किया। संघ का कहना है कि कि पिछले लगभग दो वर्षों से उन्हें इसी प्रकार के आश्वासन दिए जाते रहे हैं, जबकि आज तक लगभग 40 सेवानिवृत्त प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों के पेंशन, महंगाई राहत तथा अन्य वैधानिक देयों का निराकरण नहीं हो सका है।
डा बघेल ने फोन पर माननीय राज्यपाल महोदय के आफिस से बातकर माननीय राज्यपाल से पेंशन संबंधी समस्याओ के समाधान हेतु समय भी माँगा है.
अध्यक्ष, सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी न्यायोचित एवं वैधानिक मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक क्रमिक धरना एवं सत्याग्रह निरंतर जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इस सप्ताह के भीतर मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो अगले सप्ताह से आंदोलन को और तेज करते हुए क्रमिक भूख हड़ताल प्रारंभ की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
सेवानिवृत्त पेंशन संघ ने राज्य शासन से आग्रह किया है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर वरिष्ठ नागरिकों को उनके वैधानिक अधिकार शीघ्र उपलब्ध कराए जाएँ।
