IIT Bhilai Research: This ‘smart hydrogel’ changes shape upon heating and removes pollutants from wastewater; 1 gram of the material lifted a weight of 250 grams.IIT Bhilai Research
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रायपुर, 15 सितंबर। IIT Bhilai Research : IIT भिलाई के रिसर्चर्स ने ऐसा मल्टीफंक्शनल स्मार्ट हाइड्रोजेल विकसित किया है, जो गर्म करने पर अपना आकार बदल सकता है और साथ ही गंदे पानी से प्रदूषकों को हटाने में भी सक्षम है। यह 4D-प्रिंट करने योग्य मटीरियल भविष्य में सॉफ्ट रोबोटिक्स, स्मार्ट एक्चुएटर्स और पर्यावरण सुधार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है।

शेप मेमोरी से गर्म होते ही बदलता है आकार

IIT भिलाई की रिसर्च टीम ने खास तौर पर डिजाइन किए गए फोर-आर्म स्टार पॉलीमर को एक्रिलिक एसिड, एक्रिलामाइड और पॉलीइथिलीन ग्लाइकोल डायक्रिलेट (PEGDA) के साथ मिलाकर यह स्मार्ट हाइड्रोजेल तैयार किया है। इसे अल्ट्रावायलेट-A यानी UVA लाइट की मदद से तेजी से तैयार किया जा सकता है और अलग-अलग आकार में ढाला जा सकता है।

हाइड्रोजेल की सबसे खास विशेषताओं में इसकी शेप-मेमोरी क्षमता शामिल है। रिसर्चर्स ने फूल जैसी संरचना के जरिए इसका प्रदर्शन किया। गर्म करने पर यह संरचना खुलकर अपने प्रोग्राम किए गए आकार में वापस आ गई। मटीरियल ने करीब 94 प्रतिशत शेप फिक्सिटी और 85 प्रतिशत शेप रिकवरी दर्ज की और लगभग 25 सेकंड में अपना निर्धारित आकार हासिल कर लिया।

1 ग्राम सूखे हाइड्रोजेल ने उठाया 250 ग्राम वजन

इस स्मार्ट मटीरियल ने सिर्फ आकार बदलने की क्षमता ही नहीं, बल्कि मजबूत मैकेनिकल प्रदर्शन भी दिखाया। प्रयोग में महज 1 ग्राम सूखे हाइड्रोजेल ने बार-बार 250 ग्राम वजन का मेटल लोड उठाया।

यह क्षमता हल्के और नियंत्रित गति वाले सॉफ्ट एक्चुएटर्स तथा रोबोटिक सिस्टम के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासकर उन तकनीकों में जहां कम वजन के साथ बार-बार एक्ट्यूएशन की जरूरत होती है, यह हाइड्रोजेल उपयोगी साबित हो सकता है।

गंदे पानी से डाई और जहरीले लेड आयन हटाने में सक्षम

इस हाइड्रोजेल की एक और बड़ी खासियत पर्यावरण सुधार से जुड़ी है। रिसर्च में इसे पानी से ऑर्गेनिक डाई और जहरीले लेड आयनों को हटाने के लिए भी जांचा गया।

टेस्ट में हाइड्रोजेल ने मेथिलीन ब्लू, रोडैमाइन B और इओसिन B जैसी ऑर्गेनिक डाई के साथ-साथ लेड यानी Pb²⁺ आयनों को पानी से हटाने की क्षमता दिखाई। यानी एक ही मटीरियल में प्रदूषकों को हटाने और प्रोग्राम के अनुसार आकार बदलने जैसी दो अलग-अलग क्षमताओं को जोड़ा गया है।

4D प्रिंटिंग और स्मार्ट डिवाइस के लिए नई उम्मीद

सुदीप्त पॉल, प्रियंका सिन्हा, अमूल जैन और डॉ. संजीब बनर्जी की रिसर्च टीम द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म भविष्य के 4D-प्रिंट होने वाले स्मार्ट मटीरियल के लिए आधार बन सकता है। इसकी शेप फिक्सिटी, शेप रिकवरी और बार-बार आकार बदलने की क्षमता इसे स्मार्ट एक्चुएटर्स और सॉफ्ट रोबोटिक्स के लिए संभावित विकल्प बनाती है।

इस रिसर्च की खास बात यह है कि मटीरियल को सिर्फ एक रोबोटिक या मैकेनिकल एप्लीकेशन तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें पर्यावरणीय प्रदूषकों को हटाने की क्षमता भी मौजूद है, जिससे भविष्य में ऐसे स्मार्ट सिस्टम विकसित करने की संभावना बनती है जो एक साथ गति, नियंत्रण और पर्यावरण सुधार जैसे काम कर सकें।

‘Small Methods’ में प्रकाशित हुई रिसर्च

यह रिसर्च पीयर-रिव्यूड वैज्ञानिक जर्नल ‘Small Methods’ में प्रकाशित हुई है। रिसर्चर्स के अनुसार, विकसित हाइड्रोजेल प्लेटफॉर्म स्मार्ट और 4D-प्रिंट होने वाले मटीरियल की अगली पीढ़ी के विकास में आधार प्रदान कर सकता है।

IIT भिलाई की यह उपलब्धि ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब सॉफ्ट रोबोटिक्स, स्मार्ट मटीरियल और पर्यावरणीय प्रदूषण से निपटने के लिए नई तकनीकों पर तेजी से काम हो रहा है। एक ही हाइड्रोजेल में प्रोग्रामेबल शेप-चेंजिंग, मैकेनिकल मजबूती और प्रदूषक हटाने की क्षमता का संयोजन इसे रिसर्च की दृष्टि से खास बनाता है।


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