Higher Education
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रायपुर, 23 जुलाई 2026 / ETrendingIndia / Higher Education: Indian students increasingly lean toward Europe amid strictness from the US / अमेरिका में सख्त वीजा और प्रवासन नियमों, बढ़ती ट्यूशन फीस तथा उच्च जीवन-यापन खर्च के कारण भारतीय छात्रों का रुझान अब यूरोपीय देशों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश में पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 2023 के 9.08 लाख से घटकर 2025 में लगभग 6.26 लाख रह गई है। वहीं यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों में भारतीय छात्रों की पूछताछ और प्रवेश आवेदनों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।

ईयू की नई नीतियों से छात्रों को राहत

यूरोपीय संघ भारतीय विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए कई सुविधाएं दे रहा है। जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, पुर्तगाल और फिनलैंड जैसे देशों में अपेक्षाकृत कम या नाममात्र की ट्यूशन फीस, अंग्रेजी माध्यम के अधिक पाठ्यक्रम, शोध के बेहतर अवसर, छात्रवृत्तियां, आसान स्टूडेंट वीजा प्रक्रिया और पढ़ाई के दौरान अंशकालिक (पार्ट-टाइम) काम की अनुमति उपलब्ध है।

कई देशों में पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी खोजने के लिए 12 से 24 माह तक रहने की सुविधा भी दी जाती है।

भारत-ईयू सहयोग से बढ़ी संभावनाएं

भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते सहयोग तथा व्यापार समझौतों के बाद शिक्षा, शोध और छात्र विनिमय कार्यक्रमों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

वर्तमान में ईयू में 1.21 लाख से अधिक भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले तीन से पांच वर्षों में यूरोप जाने वाले भारतीय छात्रों और पेशेवरों की संख्या 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।