रायपुर, 31 जुलाई। Indian Army Diesel : भारतीय सेना को कठिन हिमालयी और बर्फीले इलाकों में बड़ी तकनीकी ताकत मिली है। भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने स्वदेशी एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल लॉन्च किया, जो 42°C तक के तापमान में भी प्रभावी रहेगा।
इससे सेना के वाहनों की परिचालन क्षमता, सुरक्षा और मिशन की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
भविष्य में इसका लाभ ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों को भी मिलेगा।
XWG डीजल बेहद कम तापमान में भी गाढ़ा नहीं होगा, जिससे ईंधन फिल्टर जाम होने की समस्या नहीं आएगी और वाहन आसानी से संचालित होंगे।
सेना की ऑपरेशनल क्षमता होगी मजबूत
यह ईंधन बर्फीले और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लड़ाकू व रसद वाहनों की गतिशीलता बढ़ाएगा, जिससे मिशन के दौरान विश्वसनीयता और तत्परता में सुधार होगा।
पूरी तरह स्वदेशी तकनीक
भारतीय सेना और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने मिलकर एक वर्ष के भीतर इस विशेष ईंधन का विकास किया। इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
बिना इंजन बदले होगा उपयोग
यह डीजल BS-6 और IS-1460:2025 मानकों के अनुरूप है। इसे सेना के मौजूदा वाहन बेड़े में बिना किसी इंजन संशोधन के इस्तेमाल किया जा सकेगा।
सेना प्रमुख ने बताया गेम-चेंजर
जनरल धीरज सेठ ने कहा कि यह नवाचार भीषण सर्दियों में वाहनों को चालू रखने की कठिन प्रक्रिया को समाप्त करेगा, जिससे सैनिकों की सुरक्षा, मनोबल और परिचालन दक्षता बढ़ेगी।
नागरिकों को भी मिलेगा फायदा
भविष्य में इस तकनीक का उपयोग लद्दाख, हिमालय और अन्य अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों में चलने वाले नागरिक वाहनों व उपकरणों में भी किया जा सकेगा, जिससे उनकी विश्वसनीयता और सुरक्षा बेहतर होगी।
