Japan
TOKYO, JAPAN - MARCH 11: The Japan national flag is seen fluttering in the wind at half-mast in front of the Japan parliament Building in Tokyo, Japan, on March 11, 2023. Japan marks the 12th anniversary of the Great East Japan Earthquake and commemorate the death of 15,000 people with over 3,000 missing after the great earthquake of Tohoku caused a devastating tsunami. (Photo by David Mareuil/Anadolu Agency via Getty Images)
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रायपुर / ETrendingIndia / जापान में नए प्रधानमंत्री वोट पर अनिश्चितता

जापान की संसद ने बुधवार को नए प्रधानमंत्री के वोट की तारीख तय नहीं की। पार्टी नेताओं के बीच दिनभर की गठबंधन वार्ता निष्कर्षहीन रही।


LDP ने 21 अक्टूबर को वोट का प्रस्ताव रखा

शासक लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने संसद के शेड्यूलिंग कमिटी को 21 अक्टूबर को मतदान करने का प्रस्ताव दिया। लेकिन विपक्षी दलों ने इस तारीख पर सहमति नहीं दी, क्योंकि गठबंधन चर्चाएँ अभी जारी हैं।


सत्ता पक्ष की नई नेता तकैची की राह जटिल

इस महीने LDP ने साना तकैची को नई नेता चुना। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बन सकती हैं। मगर उनके रास्ते में कठिनाई बढ़ गई है, क्योंकि पार्टी के पुराने सहयोगी कोमेतो ने पिछले सप्ताह गठबंधन समाप्त कर दिया।


विपक्षी दल गठबंधन बनाने में लगे

सबसे बड़ा विपक्षी दल संवैधानिक लोकतांत्रिक पार्टी (CDP) डेमोक्रेटिक पार्टी फॉर द पीपल (DPFP) और जापान इनोवेशन पार्टी के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके तहत DPFP नेता युइचिरो तमाकी को प्रधानमंत्री पद के लिए पेश किया जाएगा।


नेताओं की बैठकें और आगे की योजना

तीनों दलों के नेताओं ने बुधवार को कोई निष्कर्ष नहीं निकाला। तमाकी ने कहा कि अगर सोमवार तक नीतिगत मतभेद सुलझ जाते हैं तो अगली बैठक हो सकती है।
तकैची ने भी DPFP और इनोवेशन पार्टी के नेताओं से समर्थन मांगा और गठबंधन प्रस्ताव रखा।


LDP की स्थिति और राजनीतिक परिदृश्य

LDP ने जापान के अधिकांश पोस्टवॉर दौर में शासन किया है। पिछले साल के चुनावों में उसने दोनों सदनों में बहुमत खो दिया, जिससे प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने इस्तीफा दिया। फिर भी, LDP दोनों सदनों में सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है।


निष्कर्ष — गठबंधन वार्ता निर्णायक

कुल मिलाकर, जापान नए प्रधानमंत्री वोट अब गठबंधन वार्ता पर निर्भर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चाओं का परिणाम तय करेगा कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा।