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ETrendingIndia रायपुर / राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्माण समिति’ का गठन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के इस बड़े फैसले से निर्माण कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगा, बल्कि इन क्षेत्रों में विकास को भी गति देगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला निर्माण समिति के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। समिति का नेतृत्व जिला कलेक्टर करेंगे और इसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति निर्माण कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभालेगी।जिला निर्माण समिति के माध्यम से ₹10 करोड़ तक के निर्माण कार्य किए जा सकेंगे। जो कार्य तीन बार निविदा आमंत्रण के बावजूद नहीं हो पाते, उन्हें यह समिति निष्पादित करेगी। कार्यों का विभाजन और निगरानी लोक निर्माण विभाग या कलेक्टर द्वारा नामित तकनीकी अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनी रहेगी और लागत में समानता सुनिश्चित की जाएगी।इस पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में विकास को नई दिशा मिलेगी और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री श्री साय की यह रणनीति राज्य में विश्वास और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला निर्माण समिति नक्सल प्रभावित क्षेत्र


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