Share This Article रायपुर, 22 अगस्त 2026/ Ken-Betwa Project : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से प्रभावित और विस्थापित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रभावित परिवारों के घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में अधिकारी घर-घर पहुंचकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं की जानकारी लें। विशेष रूप से जनजातीय परिवारों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा गया है। विस्थापित परिवारों को घर तक मिलेगा योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वासित परिवारों को शासन की पात्र योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाया जाए। नए स्थानों पर बसे परिवारों के लिए स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी जरूरी सुविधाओं की ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। रूँझ-मझगांव परियोजना के प्रभावितों को जल्द मिलेगा भुगतान पन्ना की रूँझ-मझगांव परियोजना के प्रभावित परिवारों को स्वीकृत अतिरिक्त राशि का शीघ्र भुगतान कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन प्रभावितों के पास उम्र से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी आयु मेडिकल परीक्षण के आधार पर निर्धारित करने को कहा गया है। परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को केन-बेतवा लिंक परियोजना की उच्च प्राथमिकता के साथ नियमित मॉनिटरिंग करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में जन चौपाल और जागरूकता यात्राओं के जरिए लोगों को परियोजना के लाभों की जानकारी देने और उनकी आशंकाओं का समाधान करने को कहा गया है। 8.11 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार परियोजना पूरी होने पर मध्यप्रदेश में करीब 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, जबकि 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना के तहत, 8.11 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। 44 लाख+ लोगों को पेयजल का लाभ मिलेगा। 103 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन प्रस्तावित। 27 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन प्रस्तावित। 1,382 गांवों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद। पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी और दतिया सहित बुंदेलखंड एवं मध्य भारत के जिलों को परियोजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। 5,039 परिवार परियोजना से प्रभावित छतरपुर और पन्ना जिलों में कुल 5,039 परियोजना प्रभावित परिवार बताए गए हैं। इनमें पन्ना के 1,321 और छतरपुर के 3,718 परिवार शामिल हैं। जानकारी के अनुसार सभी प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन विशेष पैकेज का विकल्प चुना है। विकास के साथ सम्मानजनक पुनर्वास पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना सिर्फ जल संसाधन विकास की योजना नहीं, बल्कि बुंदेलखंड में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम भी है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास हो और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव ने परियोजना की प्रगति का प्रस्तुतिकरण दिया। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट वर्चुअली बैठक में जुड़े। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, सांसद वी.डी. शर्मा, संबंधित विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। Share This Article Post navigation मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम : 2026 में मध्यप्रदेश के विकास और निवेश संभावनाओं पर संवाद Hotel Sayaji : इंदौर के होटल सयाजी पर बड़ी कार्रवाई…! किचन सील; फंगस लगी मूंगफली और कॉकरोच मिलने से मचा हड़कंप