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ETrendingIndia रायपुर/ वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति को संरक्षण और संवर्धन देने के उद्देश्य से कोण्डागांव में ‘बस्तर पंडुम’ प्रतियोगिता का शुभारंभ किया

श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में आदिवासी कला, संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा मिल रहा है। बस्तर पंडुम प्रतियोगिता में बस्तर जिले के विभिन्न विकासखंडों के लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से जनजातीय संस्कृति को जीवंत बना दिया।

श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की जनजातीय जीवनशैली, गीत-संगीत, नृत्य और खानपान अपनी अनूठी पहचान रखते हैं। केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से ‘बस्तर पंडुम’ के माध्यम से इस विलुप्त होती लोकसंस्कृति को संरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है, जिससे विकास के नए द्वार खुलेंगे और बस्तर की समृद्ध संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।उन्होंने बताया कि बस्तर के कोदो, कुटकी और रागी जैसे पोषक अनाज अब राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हो रहे हैं।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जानकारी दी कि इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर पर चुने गए आठ विधाओं के विजेता प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है। यहां से चयनित प्रतिभागी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। राज्य सरकार की इस पहल से बस्तर की संस्कृति , पारंपरिक कला और शिल्प को नई पहचान मिल रही है |


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