Share This Article रायपुर, 13 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा “Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles” के विमोचन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए महत्वपूर्ण धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि कोविंद का संघर्ष, सादगी और सेवा-भाव युवाओं को मुश्किलों से लड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। साधारण परिवार से राष्ट्रपति भवन तक का सफर पीएम मोदी ने कहा कि कानपुर देहात के सामान्य परिवार में जन्मे रामनाथ कोविंद ने बचपन में कठिन परिस्थितियों का सामना किया। कम संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और मेहनत को अपनी ताकत बनाया और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे। मां को खोने का दर्द, पिता बने प्रेरणा पीएम ने कोविंद के बचपन की उस घटना का उल्लेख किया, जब घर में आग लगने से उनकी मां का निधन हो गया था। उन्होंने बताया कि इस दुख ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि मजबूत बनाया। पिता ने परिवार को संभाला और उनके लिए जीवनभर प्रेरणास्रोत बने। राष्ट्रपति बनने के बाद भी नहीं छोड़ी सादगी मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी कोविंद जी का विनम्र और सरल स्वभाव कायम रहा। अपने गांव परौंख पहुंचकर उन्होंने गुरुओं के पैर छुए और गांव की मिट्टी को नमन किया। यह भारतीय संस्कारों और सामाजिक सौहार्द का प्रेरक उदाहरण है। संघर्ष की जीत को गणतंत्र की जीत माना प्रधानमंत्री ने आत्मकथा के शीर्षक का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविंद ने अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं माना, बल्कि इसे भारतीय गणतंत्र और लोकतंत्र की जीत के रूप में देखा। युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत पीएम मोदी ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आज के शॉर्टकट और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं को संघर्ष, मेहनत और धैर्य का महत्व समझना चाहिए। कोविंद की आत्मकथा उन्हें इतिहास और जीवन के अनुभवों को करीब से समझने का अवसर देगी। ‘एक देश, एक चुनाव’ पर भी सक्रिय प्रधानमंत्री ने कोविंद की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे सक्रिय हैं और ‘एक देश, एक चुनाव’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि रामनाथ कोविंद की आत्मकथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और भारतीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण स्मृतियों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। Share This Article Post navigation ॥ तय कर लो ॥ Book Reading : किताबों से फिर सजाएं बैठक कक्ष…! बच्चों की दुनिया होगी समृद्ध…घर में ज्ञान और संस्कार की खुशबू