Share This Article रायपुर 24 अप्रैल 2026/ ETrendingIndia / कृषि सम्मेलन नई कृषि नीति , लखनऊ में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब खेती की नीतियां पूरे देश के लिए एक जैसी नहीं होंगी। क्षेत्र की जलवायु, पानी और फसलों के अनुसार योजनाएं बनाई जाएंगी। इसके लिए देश को 5 भागों में बांटकर क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। दलहन-तिलहन और विविधीकरण पर फोकस सरकार ने साफ किया कि गेहूं-धान के साथ अब दलहन, तिलहन, बागवानी और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। लक्ष्य है कि देश खाद्यान्न के साथ पोषण में भी आत्मनिर्भर बने और किसानों की आय बढ़े। छोटे किसानों के लिए इंटीग्रेटेड मॉडल कम जमीन वाले किसानों के लिए मिश्रित खेती, पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसे मॉडल अपनाने पर जोर दिया गया। इससे कम लागत में अधिक आमदनी संभव होगी। किसान क्रेडिट कार्ड और फार्मर आईडी हर पात्र किसान को किसान क्रेडिट कार्ड देने का अभियान चलाया जाएगा। फार्मर आईडी से किसानों को योजनाओं का लाभ आसानी और पारदर्शिता से मिलेगा। उर्वरक पर राहत और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा सरकार किसानों को सस्ते दाम पर उर्वरक उपलब्ध करा रही है। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और संक्रमण काल में आर्थिक सहायता देने की बात कही गई।नकली बीज-कीटनाशकों पर सख्तीसरकार नकली और मिलावटी कृषि उत्पादों के खिलाफ सख्त कानून लाने की तैयारी में है ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। यह सम्मेलन खेती को लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Share This Article Post navigation मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी लक्ष्य 78 से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हुआ थान के बदले ग्राफ्टेड टमाटर की खेती : बदली दुबेलाल की तकदीर, बढ़ा, कई गुना अधिक मुनाफा