Lashkar E Taiba : इस्लामाबाद की मस्जिद में मृत मिला लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर
Lashkar E Taiba
रायपुर, 09 अगस्त 2026/ Lashkar E Taiba : पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की इस्लामाबाद की एक मस्जिद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
घटना उस समय हुई, जब अजीज नमाज अदा करने के लिए कुबा मस्जिद पहुंचा था। मस्जिद के मुख्य दरवाजे पर पहुंचते ही वह अचानक गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, मस्जिद पहुंचने से पहले अजीज ने एक अज्ञात रेस्तरां में खाना खाया था। इसके बाद वह नमाज के लिए कुबा मस्जिद पहुंचा।
मुख्य प्रवेश द्वार के पास अचानक गिरने के बाद उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के वास्तविक कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। घटना को लेकर विभिन्न तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
कारी सईद अब्दुल अजीज लश्कर-ए-तैयबा के उस विभाग का प्रभारी बताया जाता है, जो जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ों के दौरान मारे गए आतंकवादियों के परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने का काम करता था।
संगठन में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती थी।
उसकी संदिग्ध मौत ऐसे समय हुई है, जब लश्कर-ए-तैयबा के भीतर कथित तौर पर चल रही हत्याओं को लेकर एक वरिष्ठ कार्यकर्ता के बयान ने पाकिस्तान में हलचल बढ़ा दी है।
लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कार्यकर्ता रिजवान हनीफ ने एक वीडियो बयान में दावा किया था कि पिछले तीन से चार वर्षों के दौरान संगठन से जुड़े 30 से अधिक सदस्यों की पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में हत्या की गई।
हनीफ के अनुसार, पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलकोट और मुजफ्फराबाद समेत कई क्षेत्रों में संगठन के सदस्यों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
हनीफ की ओर से इस तरह का सार्वजनिक दावा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आतंकवादी संगठनों के भीतर होने वाली कथित हत्याओं को लेकर आम तौर पर सार्वजनिक रूप से जानकारी सामने नहीं आती।
रिजवान हनीफ की कथित स्वीकारोक्ति को लश्कर-ए-तैयबा के भीतर आंतरिक संघर्ष और सदस्यों की हत्या के संबंध में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि ये दावे सही हैं तो इससे संगठन के भीतर चल रहे विवाद और हिंसक गतिविधियों की तस्वीर सामने आती है।
अजीज की मौत और हनीफ के बयान के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए अजीज की मौत को संगठन के भीतर कथित हत्याओं से जोड़कर देखना फिलहाल केवल आशंका है।
लश्कर-ए-तैयबा को भारत में कई आतंकवादी हमलों से जोड़ा गया है। इनमें 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार आतंकवादी हमले प्रमुख हैं। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी।
संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है। संगठन पर वर्ष 2005 में प्रतिबंध लगाए गए थे। इसे अल-कायदा और तालिबान से भी संबंध रखने वाला संगठन माना जाता रहा है।
कारी सईद अब्दुल अजीज की संदिग्ध मौत और लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कार्यकर्ता द्वारा संगठन के 30 से अधिक सदस्यों की कथित हत्या के दावे ने पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों की आंतरिक गतिविधियों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, अजीज की मौत का कारण और इसके पीछे किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है। मामले में सामने आने वाली जांच रिपोर्ट ही यह स्पष्ट कर सकेगी कि उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, भोजन के बाद किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
