Share This Article रायपुर, 16 सितंबर 2026। ETrendingIndia / जल संरक्षण, वर्षा जल के संचयन और भू-जल स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में जिला पंचायत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा वर्ष 2026-27 में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। जिले की सभी जनपद पंचायतों में स्वीकृत कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्यों के माध्यम से वर्षा जल को बहकर व्यर्थ जाने से रोकने तथा उसे भूमि में समाहित कर भू-जल के रूप में संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। इन कार्यों से जिले में जल संरक्षण की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।223 कंटूर ट्रेंच कार्यों को मिली स्वीकृतिवर्ष 2026-27 में जिले की सभी जनपद पंचायतों में कुल 223 कंटूर ट्रेंच कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के लिए कुल 590.19 लाख रुपये की लागत राशि निर्धारित की गई है। स्वीकृत कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल को अधिक से अधिक रोकने, मिट्टी के कटाव को कम करने और पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।1,47,758 ट्रेंचों से जल संरक्षण को मिलेगा व्यापक आधारजिले में स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत अब तक कुल 1,47,758 नग कंटूर ट्रेंच खोदे गए हैं। इन ट्रेंचों का कुल क्षेत्रफल 206.81 हेक्टेयर है। बड़ी संख्या में निर्मित ये कंटूर ट्रेंच बारिश के पानी की गति को नियंत्रित करने और उसे धीरे-धीरे भूमि में समाहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कंटूर ट्रेंच विशेष रूप से ढलान वाले क्षेत्रों में वर्षा जल के तेज बहाव को रोकने में उपयोगी होते हैं। इससे पानी सीधे बहकर निकलने के बजाय निर्धारित क्षेत्र में रुकता है और धीरे-धीरे जमीन में समाहित होता है। इसके परिणामस्वरूप मिट्टी में नमी बनाए रखने के साथ भू-जल पुनर्भरण की प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलता है।1025.84 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज की अनुमानित क्षमताजिले में निर्मित कंटूर ट्रेंचों की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि इनके माध्यम से विकसित होने वाली अनुमानित भू-जल पुनर्भरण क्षमता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इन कार्यों से 1025.84 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज की अनुमानित क्षमता विकसित होगी। अर्थात वर्षा के दौरान बड़ी मात्रा में पानी को भूमि के भीतर पहुंचाकर भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में इन संरचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।बारिश की हर बूंद को सहेजने की दिशा में कदमकंटूर ट्रेंच निर्माण का उद्देश्य केवल संरचनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को अधिकतम उपयोग में लाना है। वर्षा के पानी को बहने से रोककर उसे जमीन में उतारने से भू-जल स्तर के संरक्षण, भूमि में नमी बनाए रखने तथा जल स्रोतों के पुनर्भरण में मदद मिल सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए जल उपलब्धता को बनाए रखने में भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को मिलेगा बलमनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दृष्टि से कंटूर ट्रेंच निर्माण महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां इससे वर्षा जल का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर पानी के तेज बहाव से होने वाले मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। भूमि में नमी बढऩे से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी लाभ मिलने की संभावना है। Share This Article Post navigation RPF Action : दिल्ली से आते थे, स्कूटर से करते थे रेकी और चुराते थे रेलवे की कॉपर केबल, बिलासपुर RPF ने 17 को पकड़ा 17 सितंबर को ट्रैफिक डायवर्जन, मरीन ड्राइव जाने वाले इन रास्तों पर रहेगी पाबंदी