Share This Article रायपुर, 08 सितम्बर 2026। MiniMata College : शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, कोरबा में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत नवप्रवेशित छात्राओं का स्वागत करते हुए शिक्षा को बेटियों के सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम बताया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की करीब 1,500 छात्राओं को CSR मद के माध्यम से एजुकेशन किट प्रदान की गई। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत अति विशिष्ट अतिथि तथा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डीएमएफ से बनेगा विशाल डोम, अन्य शासकीय कॉलेज भी होंगे लाभान्वित मंत्री श्री देवांगन ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बेहतर अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि डीएमएफ मद से शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में विशाल डोम का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के अन्य शासकीय महाविद्यालयों में भी विद्यार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशाल डोम सहित आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में युवाओं की भूमिका अहम श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास मॉडल GYAN—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (GER) वर्ष 2021-22 के 19.6 प्रतिशत से बढ़कर 27.5 प्रतिशत हो गया है। बेटियां मेहनत और संघर्ष से सफलता के शिखर तक पहुंचें : महापौर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने छात्राओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्राओं से निरंतर मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के साथ आगे बढ़ने तथा अपने लक्ष्य को हासिल कर सफलता के शिखर तक पहुंचने का आह्वान किया। शिक्षा को डीएमएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि कोरबा जिले में डीएमएफ मद के कार्यों में शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले के छात्र-छात्राओं को देश के किसी भी शासकीय महाविद्यालय में उच्च अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। समारोह में स्थानीय पार्षद, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पपिया चतुर्वेदी, प्राध्यापकगण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। Share This Article Post navigation राजनांदगांव में 9 सितंबर को रोजगार मेला, 1074 विभिन्न पदों पर होंगी भर्तियां… स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने सीएम को लिखा पत्र, सौंपे दस्तावेज