Share This Article रायपुर, 28 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड के ग्राम पंचायत मुल्ले में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विकसित भारत जीरामजी योजना से सेंड फिल्टर का निर्माण किया गया है। वर्षा एवं सतही जल के बेहतर प्रबंधन की इस पहल से भूजल पुनर्भरण के साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है। प्राकृतिक छनन से भूजल पुनर्भरण वर्षा के दौरान खेतों और गलियों से बहकर निकल जाने वाले पानी को सहेजने के लिए गांव में सेंड फिल्टर बनाया गया है। रेत और अन्य प्राकृतिक छनन माध्यमों से मिट्टी, गाद व ठोस अशुद्धियों को रोकते हुए पानी को जमीन में पहुंचाने में मदद मिलती है। इससे भूजल स्तर के संरक्षण और पुनर्भरण को बढ़ावा मिलता है। 52 हजार रुपये की लागत, ग्रामीणों को रोजगार सेंड फिल्टर के निर्माण के लिए 52 हजार रुपये की स्वीकृत लागत निर्धारित की गई थी। इसमें 41 हजार रुपये सामग्री और 11 हजार रुपये मजदूरी के लिए तय किए गए थे। निर्माण में कुल 52 हजार रुपये खर्च हुए, जिसमें 10,500 रुपये मजदूरी मद में व्यय हुए। कार्य में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से गांव के लोगों को रोजगार और आय का अवसर मिला। खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ कृषि प्रधान मुल्ले गांव में खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जल उपलब्धता पर निर्भर है। भूजल पुनर्भरण की यह पहल आने वाले समय में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता को बेहतर बनाने में मददगार हो सकती है। इससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। ‘आज का संरक्षण, कल की सुरक्षा’ मुल्ले का यह प्रयास बताता है कि जल संरक्षण के लिए बड़े प्रोजेक्ट के साथ स्थानीय स्तर पर सामुदायिक भागीदारी से किए गए छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं। गांव में वर्षा जल को भविष्य की प्राकृतिक संपदा के रूप में सहेजने की सोच मजबूत हो रही है। एक-एक बूंद का संरक्षण आने वाले समय में गांव की जल सुरक्षा की मजबूत नींव बन सकता है। Share This Article Post navigation Raipur Flood Rescue : भाठागांव में बाढ़ का कहर, 313 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू; जलस्तर घटने से राहत Youth Innovation Conclave … आज से IGKV में … 1500 से अधिक युवा होंगे शामिल