Share This Article रायपुर, 30 सितंबर 2026 / ETrendingIndia / इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि 27 अक्टूबर को होने वाले आम चुनाव से पहले देश के दुश्मन हमला करने का प्रयास कर सकते हैं। नेतन्याहू ने मंगलवार को तेल नोफ वायुसेना अड्डे के दौरे के दौरान यह चेतावनी दी। उनके कार्यालय की ओर से जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि चुनाव से पहले इजरायल को निशाना बनाने की कोशिश हो सकती है। नेतन्याहू ने कहा, “मैं हमारे दुश्मनों को संदेश देना चाहता हूं कि हमसे पंगा न लें। हमारी लंबी पहुंच आप तक कहीं भी और कभी भी हो सकती है।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि संभावित हमला किस देश या संगठन की ओर से हो सकता है और न ही यह बताया कि इस चेतावनी के पीछे किस तरह की खुफिया जानकारी है। नेतन्याहू के बयान के बाद विपक्षी नेता यायर लैपिड ने तत्काल सुरक्षा संबंधी जानकारी देने की मांग की। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री द्वारा बताई गई धमकियां वास्तविक और विश्वसनीय हैं तथा चुनाव के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या तैयारी कर रही है। नेतन्याहू ने बाद में लैपिड को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने पर सहमति जताई। विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाली यशर पार्टी ने भी कहा कि यदि खतरा वास्तविक है तो लैपिड को तत्काल पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। आइजेनकोट ने कहा कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि चेतावनी किसी वास्तविक सुरक्षा खतरे से जुड़ी है या चुनाव को प्रभावित करने वाली राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा है।लैपिड को दी गई सुरक्षा जानकारी के बाद उन्होंने कहा कि सुरक्षा संबंधी खतरों से पेशेवर और जिम्मेदारी के साथ निपटा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल की सुरक्षा और सैन्य ठिकानों को चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मंच की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने चुनाव की सुरक्षा तैयारियों के समन्वय के लिए प्रधानमंत्री, शिन बेट प्रमुख और केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष की बैठक बुलाने की मांग की। नेतन्याहू की ताजा चेतावनी ऐसे समय आई है जब 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले से पहले उन्हें कथित तौर पर मिली चेतावनियों को लेकर इजरायल में राजनीतिक बहस तेज है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने हमले से कुछ दिन पहले नेतन्याहू को चेतावनी दी थी। इसके अलावा मिस्र के तत्कालीन खुफिया प्रमुख अब्बास कामेल की ओर से भी जून से सितंबर 2023 के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय को संभावित बड़े हमले के बारे में जानकारी दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है।इन दावों को लेकर नेतन्याहू पर राजनीतिक दबाव बढ़ा है। वहीं, नेतन्याहू ने ऐसी रिपोर्टों और उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले सुरक्षा और 7 अक्टूबर 2023 की घटनाओं से जुड़ी जवाबदेही का मुद्दा इजरायल के राजनीतिक विमर्श में प्रमुख बना हुआ है। Share This Article Post navigation हाईजैक की आशंका के बीच फ्लाई दुबई की फ्लाइट की सऊदी अरब में लैंडिंग, इजरायल जा रहा था विमान