Share This Article रायपुर, 24 अगस्त 2026/ Railway Station Drinking Water Quality : यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर लगातार सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष स्वच्छता एवं निरीक्षण अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत पानी की टंकियों, फिल्टर, पाइपलाइन, वाटर कूलर, जल बूथ और नलों समेत पेयजल से जुड़े पूरे बुनियादी ढांचे की जांच की जाएगी। रेलवे ने क्षेत्रीय रेलवे को निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य जल स्रोत से लेकर यात्रियों के पीने के स्थान तक पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। पानी की टंकियां खाली कर होगी सफाई अभियान के दौरान भूमिगत और ऊपरी पानी की टंकियों के साथ-साथ पीवीसी टंकियों की भी जांच होगी। सभी टंकियों को खाली कर उनकी अच्छी तरह सफाई और फिर कीटाणुशोधन किया जाएगा। टंकियों के वेंट और ओवरफ्लो बिंदुओं को पक्षियों, जानवरों और शैवाल से सुरक्षित रखने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। खराब टंकियां और पाइपलाइन होंगी दुरुस्त निरीक्षण में क्षतिग्रस्त पानी की टंकियां, पाइपलाइन या फिल्टर मिलने पर उनकी मरम्मत की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इन्हें बदला भी जाएगा।रेलवे यह भी सुनिश्चित करेगा कि पीने योग्य और गैर-पीने योग्य पानी की पाइपलाइन में क्रॉस-कनेक्शन न हो। पाइपलाइनों में रिसाव की जांच कर पानी की बर्बादी रोकने के उपाय किए जाएंगे। वाटर कूलर और RO-UV सिस्टम की भी होगी जांच स्टेशनों पर लगे वाटर कूलरों के टैंक, पाइपलाइन और नलों की सफाई एवं रिसाव की जांच की जाएगी। साथ ही RO और UV आधारित जल शोधन प्रणालियों का भी निरीक्षण होगा। जहां जरूरत होगी, वहां नई या प्रतिस्थापन प्रणालियां लगाई जाएंगी। फिल्टर और अन्य जरूरी उपकरणों को निर्धारित समय पर बदलने तथा सर्विसिंग कराने पर भी जोर दिया जाएगा। पानी के नमूनों की होगी कई स्तरों पर जांच रेलवे विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने लेकर उनकी भौतिक, रासायनिक और जीवाणु संबंधी जांच कराएगा। पानी के नमूने जल स्रोत, टंकी, वाटर कूलर, वेंडिंग मशीन, जल बूथ और नलों समेत कई बिंदुओं से लिए जाएंगे। पानी में अवशिष्ट क्लोरीन की दैनिक निगरानी भी की जाएगी। किसी तरह की कमी मिलने पर दोबारा क्लोरीनीकरण या अन्य जरूरी सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। पानी बेचने वाली मशीनों पर भी नजर रेलवे स्टेशनों पर पानी उपलब्ध कराने वाली वेंडिंग मशीनों को भी अभियान में शामिल किया गया है। इन मशीनों से मिलने वाले पानी की सफाई और गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। स्टेशनवार तैयार होगा कमियों का रिकॉर्ड अभियान के दौरान मिली कमियों और उन्हें दूर करने के लिए की गई कार्रवाई का स्टेशनवार विवरण तैयार किया जाएगा। इससे कमियों की निगरानी और उनके समय पर समाधान में मदद मिलेगी। यह अभियान केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। रेलवे कॉलोनियों और कार्यस्थलों में पेयजल से जुड़े बुनियादी ढांचे की भी इसी तरह जांच और सुधार किया जाएगा। यात्रियों को सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना लक्ष्य भारतीय रेलवे का लक्ष्य पेयजल व्यवस्था में नियमित सफाई, निरीक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण और समय पर सुधारात्मक कार्रवाई को मजबूत करना है। इससे यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को लगातार सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। Share This Article Post navigation दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बढ़ता कहर…! 1,777 से ज्यादा केस ; जानें लक्षण और बचाव… Rahul Gandhi Viral Video : राहुल गांधी के साथ सेल्फी के दौरान किस करने वाली छात्रा ने बताई वजह…! बोली- ‘उन्हें अपना आइडल मानती हूं’