रायपुर 4 जुलाई / ETrendingIndia / “Fake foreign medical degree case in Rajasthan: Investigation launched into degrees of several doctors” राजस्थान में विदेशी मेडिकल डिग्री (एफएमजी) से जुड़े कथित फर्जी प्रमाणपत्रों का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।
कुछ डॉक्टरों पर फर्जी या संदिग्ध विदेशी मेडिकल प्रमाणपत्रों के आधार पर एमबीबीएस के समकक्ष योग्यता प्राप्त करने और पंजीकरण कराने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में ऐसे कई मामलों की पहचान की गई है, जिनमें विदेशी मेडिकल स्नातक (FMG) से जुड़े दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल उठे हैं।
संबंधित अधिकारियों ने मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड, विश्वविद्यालयों के प्रमाणपत्र और पंजीकरण दस्तावेजों का मिलान शुरू कर दिया है। जिन मामलों में गड़बड़ी मिलेगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को भारत में डॉक्टर के रूप में पंजीकरण के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होता है। उनके शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन और आवश्यक पात्रता प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें चिकित्सा अभ्यास की अनुमति मिलती है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि किसी ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया है, तो उसके खिलाफ पंजीकरण रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
