Share This Article रायपुर, 14 अक्टूबर 2026 / ETrendingIndia / बाल अधिकारों के संरक्षण, संवर्धन और जागरुकता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल पर प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों में Post Graduate Diploma in Protection of Child Rights (RAKSHAK) पाठ्यक्रम की कक्षाएं एक साथ प्रारंभ हुईं। ये विश्वविद्यालय हैं -पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय, आंजनेय विश्वविद्यालय और शंकराचार्य विश्वविद्यालय । शुभारंभ के अवसर पर छहों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और संबंधित पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। कुलपतियों ने बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मिलकर कार्य करने तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ इस क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं संवेदनशील मानव संसाधन तैयार करना है। यह पहल बाल अधिकारों की समझ को व्यापक बनाने और बच्चों के संरक्षण के लिए संस्थागत स्तर पर प्रभावी कार्य को प्रोत्साहित करेगी। Share This Article Post navigation पटवारीऔर आरआई पर जमीन बटांकन के लिए 55 हजार रुपये मांगने का आरोप, महिला ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार नवा रायपुर में 407 एकड़ में बनेगा औद्योगिक पार्क…! निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा