Call to Change School Timings in Chhattisgarh Gains Momentum...! Demand for a Uniform Morning Shift in All Schools on Saturdays.
School Timing Change
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रायपुर, 07 जुलाई 2026/ Call to Change School Timings in Chhattisgarh Gains Momentum…! Demand for a Uniform Morning Shift in All Schools on Saturdays.

School Timing Change : छत्तीसगढ़ में स्कूलों की समय-सारिणी को लेकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने बड़ा मुद्दा उठाया है। फेडरेशन ने स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि शनिवार को प्रदेश के सभी विद्यालयों में एक समान प्रातःकालीन पाली में शाला संचालन की अनुमति दी जाए।

फेडरेशन ने इस संबंध में विभाग को ज्ञापन सौंपकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भी शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट लागू करने और प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की समय-सारिणी में एकरूपता लाने की मांग की है।

अलग-अलग टाइमिंग से बढ़ रही प्रशासनिक परेशानी

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा का कहना है कि युक्तियुक्तकरण और संकुल व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश के अधिकांश प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग समय-सारिणी होने से स्कूल संचालन, प्रशासनिक कार्यों और समन्वय में कठिनाइयां आ रही हैं।

शिक्षकों-कर्मचारियों पर बढ़ रहा अतिरिक्त दबाव

फेडरेशन ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी शिक्षण कार्य के साथ-साथ ऑनलाइन कार्य, विभागीय योजनाओं का संचालन, परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियां, रिकॉर्ड संधारण, वित्तीय कार्य, संकुल बैठकें और अन्य शासकीय दायित्व भी निभा रहे हैं। अलग-अलग स्कूल टाइमिंग के कारण इन कार्यों का प्रभावी प्रबंधन प्रभावित हो रहा है।

शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट से क्या होगा फायदा?

फेडरेशन के अनुसार, यदि शनिवार को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी सुबह की पाली में संचालित होते हैं तो—

  • शैक्षणिक समीक्षा के लिए समय मिलेगा
  • संकुल स्तरीय बैठकों का बेहतर संचालन होगा
  • विभागीय रिपोर्ट और रिकॉर्ड अपडेट हो सकेंगे
  • अगले सप्ताह की शैक्षणिक योजना बनाने में सुविधा होगी
  • स्कूल प्रबंधन की कार्यक्षमता बढ़ेगी

शिक्षा विभाग से जल्द आदेश जारी करने की मांग

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य शासन और स्कूल शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जल्द आवश्यक आदेश जारी किए जाएं, ताकि प्रदेश के सभी विद्यालयों में समय-सारिणी को लेकर एकरूपता स्थापित हो सके।