रायपुर, 06 अगस्त 2026/ ETrendingIndia / बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने निर्वासन के बीच बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा है कि वह हर हाल में अपने देश लौटेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल जाना पड़े या जान का खतरा हो, फिर भी वह बांग्लादेश वापस जाएंगी क्योंकि देश के लोगों को सुरक्षा, विकास और लोकतंत्र की जरूरत है।
दिसंबर में वापसी की जताई इच्छा
शेख हसीना ने कहा कि वह इस वर्ष दिसंबर में, जिसे बांग्लादेश का “विजय का महीना” माना जाता है, स्वदेश लौटना चाहती हैं। हालांकि उन्होंने वापसी की अंतिम तारीख का खुलासा नहीं किया।
‘जेल या मौत से नहीं डरती’
उन्होंने कहा कि यदि लौटने पर उन्हें जेल भेज दिया जाए या जान का खतरा हो, तब भी वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगी।
लोकतंत्र और विकास पर दिया जोर
हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोग सुरक्षा, विकास और लोकतंत्र के हकदार हैं। उनका उद्देश्य देश को शांति, प्रगति और धर्मनिरपेक्षता के रास्ते पर आगे बढ़ाना है।
2024 के आंदोलन के बाद भारत में हैं
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक आंदोलन के बाद से भारत में रह रही हैं। निर्वासन के बाद उन्होंने पहली बार विदेशी मीडिया से वर्चुअल माध्यम से बातचीत कर अपनी वापसी की इच्छा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की।
